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टॉक्सिक की ठंडी प्रतिक्रिया के बीच राम गोपाल वर्मा ने फिर देखी धुरंधर, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

मुंबई। यश और गीतू मोहनदास की फिल्म टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स की रिलीज के साथ ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच फिल्मकार राम गोपाल वर्मा की एक पोस्ट ने इस बहस को और हवा दे दी। वर्मा ने बुधवार शाम सोशल मीडिया पर लिखा कि वह एक बार फिर धुरंधर देख रहे हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में टॉक्सिक का सीधे तौर पर कोई जिक्र नहीं किया, लेकिन पोस्ट के समय को देखते हुए यूजर्स ने इसे यश की फिल्म से जोड़ना शुरू कर दिया।

दरअसल, टॉक्सिक और धुरंधर 2 की रिलीज को लेकर पहले से ही सोशल मीडिया पर तुलना होती रही है। दोनों फिल्मों के एक ही दिन रिलीज होने की चर्चा थी, लेकिन बाद में टॉक्सिक की रिलीज टल गई और फिल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में पहुंची। रिलीज के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों और समीक्षकों की प्रतिक्रियाएं मिश्रित नजर आ रही हैं।

इसी बीच वर्मा के धुरंधर दोबारा देखने वाले पोस्ट पर यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने इसे टॉक्सिक पर कटाक्ष माना, तो कुछ ने कहा कि वर्मा ने जानबूझकर विवाद को हवा दी है। वहीं कई यूजर्स ने इसे महज उनकी व्यक्तिगत पसंद बताया और कहा कि पोस्ट को किसी फिल्म की आलोचना के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

पुरानी टिप्पणियां भी आईं चर्चा में

राम गोपाल वर्मा पहले भी धुरंधर 2 और टॉक्सिक को लेकर अपनी राय जाहिर कर चुके हैं। फरवरी में उन्होंने दोनों फिल्मों की संभावित टक्कर पर टिप्पणी करते हुए धुरंधर 2 को लेकर सकारात्मक और टॉक्सिक को लेकर आलोचनात्मक रुख अपनाया था। उनकी पुरानी टिप्पणियां अब नई पोस्ट के साथ फिर चर्चा में आ गई हैं।

हालांकि इस बार वर्मा ने न तो टॉक्सिक का नाम लिया और न ही फिल्म की समीक्षा की। ऐसे में उनकी पोस्ट को सीधे तौर पर यश की फिल्म पर हमला मानना जल्दबाजी होगी। सोशल मीडिया पर पोस्ट के समय और संदर्भ के आधार पर ही यूजर्स इसके अलग-अलग अर्थ निकाल रहे हैं।

यश की फिल्म को मिल रही मिली-जुली प्रतिक्रिया

गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी टॉक्सिक में यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म को लेकर कुछ दर्शकों ने इसकी विजुअल शैली और कलाकारों के अभिनय की तारीफ की है, जबकि कुछ ने कहानी और पटकथा को लेकर निराशा जताई है।

फिलहाल शुरुआती प्रतिक्रियाओं के आधार पर फिल्म की अंतिम स्थिति का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। लेकिन राम गोपाल वर्मा की एक छोटी-सी पोस्ट ने टॉक्सिक और धुरंधर को लेकर पुरानी सोशल मीडिया बहस जरूर दोबारा शुरू कर दी है।

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