खड़गे के ‘शुद्धिकरण’ मामले में भाजपा नेताओं पर FIR

बेंगलुरु। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उत्तराखंड यात्रा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ किए जाने के मामले में कर्नाटक पुलिस ने भाजपा नेताओं के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अब मामले को जांच के लिए उत्तराखंड भेजने की तैयारी कर रही है।
यह एफआईआर आदिवासी कांग्रेस के अनुसूचित जनजाति विभाग के पूर्व उपाध्यक्ष टीआर रामप्पा की शिकायत पर बेंगलुरु के विधान सौधा थाने में दर्ज की गई। शिकायत के अनुसार, 8 अगस्त को खड़गे ने नैनीताल जिले के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। आरोप है कि उनके जाने के बाद मैदान में ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान किया गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस अनुष्ठान से यह जातिगत धारणा व्यक्त हुई कि खड़गे की मौजूदगी के बाद स्थान ‘अपवित्र’ हो गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और अन्य नेताओं पर मीडिया बयानों के जरिए इस कार्रवाई का समर्थन करने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने 31 अगस्त को मिली शिकायत पर कानूनी राय लेने के बाद नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955, एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में जीरो एफआईआर दर्ज की।
पुलिस के मुताबिक, घटना उत्तराखंड में हुई है, इसलिए एफआईआर जल्द ही वहां के संबंधित अधिकारियों को जांच के लिए भेजी जाएगी। जीरो एफआईआर में किसी भी थाने में मामला दर्ज किया जा सकता है, जिसके बाद उसे संबंधित क्षेत्र के थाने में स्थानांतरित किया जाता है।
यह कार्रवाई खड़गे द्वारा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण मामले में कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाने के एक दिन बाद हुई है।













