भोपालमध्य प्रदेशरीवासिंगरौलीसीधी
चितरंगी में लगातार बारिश से धान की फसल बर्बाद,कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष ने की मुआवज़े की मांग


- चितरंगी। विकासखंड चितरंगी और आसपास के अंचलों में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार भारी वर्षा ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है, जिससे भारी नुकसान की स्थिति बन गई है। कई गांवों में तो खेतों में पानी इतना भर गया है कि फसल सड़ने लगी है। इस कारण किसानों की मेहनत और लागत दोनों पर पानी फिर गया है।
- किसानों का कहना है कि इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन लगातार बारिश ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में जलभराव के कारण कटाई का काम भी नहीं हो पा रहा है और जिन क्षेत्रों में फसल खड़ी थी, वहां भी धान झड़कर खराब हो रही है। साथ ही, खेतों में अधिक नमी होने से आने वाली रबी फसलों की बुवाई पर भी संकट मंडरा रहा है।
- इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सरस्वती सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल क्षेत्र में सर्वे टीम भेजकर किसानों की फसल हानि का वास्तविक आकलन कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासन को किसानों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाते हुए उचित राहत और मुआवज़े की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि किसानों को आर्थिक संकट से राहत मिल सके।
- जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि चितरंगी क्षेत्र के कई गांवों जैसे खटाई,चुरकी, चतरी,दुधमनिया,
- बहेरी,नैकहवा,
- गोपला,कोल्डिहा,बगदरा,बगदरा कला, देवरा,पिपरझर,सूदा, दार,चितरंगी,मिसिरगवां,शिवपुरवा,सहित कोरावल के अन्य कई गांवों में किसानों की फसल पूरी तरह प्रभावित हुई है।
- प्रशासन से मांग की जाती है कि नुकसानग्रस्त क्षेत्रों का सर्वे शीघ्र शुरू कर प्रभावित किसानों को आपदा राहत निधि के तहत मुआवज़ा प्रदान किया जाए।
- उन्होंने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं, और यदि समय पर उन्हें सहायता नहीं मिली तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी अपील की है कि वे इस मुद्दे पर प्रशासन से मिलकर किसानों के हित में ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करें।
- श्री मान सिंह चंदेल विशेष रिपोर्टर













