जनरल नरवणे की किताब पर सियासत तेज, विपक्ष ने सदन में चर्चा की उठाई मांग

नई दिल्ली। पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की प्रस्तावित किताब को लेकर संसद और राजनीतिक गलियारों में विवाद गहराता जा रहा है। विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग कर रहे हैं और भाजपा पर सच्चाई छिपाने का आरोप लगा रहे हैं।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे से डर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सदन और सदन के बाहर जो भी बातें रखी हैं, वह सच हैं और भाजपा को देश की जनता के सामने सच्चाई बतानी चाहिए। वेणुगोपाल ने सवाल उठाया कि किताब में ऐसा क्या है, जिसे छिपाने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जनरल नरवणे ने वर्ष 2023 में सोशल मीडिया पर किताब के बारे में जानकारी दी थी और प्री-ऑर्डर की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब किताब से इनकार किया जा रहा है, जो संदेह पैदा करता है।
समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग ऐसे मुद्दों के जरिए देश को बांटने का काम कर रहे हैं, जिससे देश का माहौल प्रभावित हो सकता है।
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि किताब पढ़ने को देशविरोधी बताना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को बोलने से रोकने और जांच एजेंसियों के इस्तेमाल के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
इस मुद्दे को लेकर संसद में राजनीतिक घमासान जारी है।













