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कलेक्टर की अध्यक्षता में समय सीमा की बैठक आयोजित

कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त को मॉडल सड़क निर्माण कार्य पुनः प्रारंभ कराने के दिए निर्देश

अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर के साथ-साथ पेयजल संसाधनों की शुद्धता की जाँच कराने के दिए निर्देश
बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की करें जाँच, निम्न गुणवत्ता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध करें कार्रवाई

सिंगरौली। कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में समय सीमा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, विकास एवं निर्माण कार्यों तथा जनहित से जुड़े विषयों की विभागवार समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर ने डीएम मद से स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके विभाग से संबंधित सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण नहीं कराया जा रहा है, उनमें आवश्यकतानुसार राशि सरेंडर करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने नवीन डीएमएफ नीति के तहत नवीन निर्माण कार्यों की स्वीकृति के लिए बेसलाइन सर्वे कराकर उसकी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि जिले के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर वहां निवासरत नागरिकों के स्वास्थ्य की जांच की जाए तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने नगर निगम आयुक्त को पाइपलाइन के माध्यम से सप्लाई किए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए। वहीं कार्यपालन यंत्री, पीएचई को जिले के जलस्रोतों की जांच कर उनमें निर्धारित मात्रा में क्लोरीन की दवा का छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। आपदा प्रबंधन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में बारिश एवं बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त फसलों तथा पशुहानि का सर्वे निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराएं। उन्होंने पात्र प्रभावितों को नियमानुसार राहत राशि का वितरण समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सीईओ जिला पंचायत को निर्देश दिए कि बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों एवं निर्माण कार्यों की जांच कराएं। जांच में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता निम्न स्तर की पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत के संबंध में भी कलेक्टर ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त सड़कों का आवश्यकतानुसार सर्वे कराकर शीघ्र मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए। नगरीय क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़कों का सर्वे कर मरम्मत कराने के निर्देश नगर निगम आयुक्त को दिए गए। कलेक्टर ने मॉडल रोड के निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश देते हुए कहा कि मॉडल रोड के डिवाइडरों में आकर्षक पौधारोपण भी कराया जाए, जिससे सड़क का सौंदर्यीकरण होने के साथ ही हरित वातावरण को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने शहरी क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए अतिक्रमण के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। आगामी त्योहारों के मद्देनजर जिले में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर शांति समिति की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारों के दौरान जिले में शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखें। साथ ही आयोजन समितियों के साथ बैठक कर पुलिस विभाग के समन्वय से रूट चार्ट तैयार करें तथा मूर्ति विसर्जन स्थलों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखें।

कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने उपखंडों में स्थित शासकीय भवनों की जांच करें। शासकीय भवनों का अवैध रूप से उपयोग किए जाने अथवा अवैध कब्जा पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।कलेक्टर ने जन विश्वास अभियान के आयोजन से पूर्व विभागीय अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर नागरिकों से संवाद करने तथा प्राप्त शिकायतों का तत्परता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर शिकायतों का निराकरण नहीं होने के कारण जिले की रैंकिंग प्रभावित हुई है। भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पाए जाने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संघप्रिय, अपर कलेक्टर श्री पी.एस. त्रिपाठी, एसडीएम देवसर श्री सुशीर श्रीकृष्ण श्रीराम, सहायक कलेक्टर सुश्री सौम्या मिश्रा, संयुक्त कलेक्टर श्रीअमित सिंह बम्हरौलिया,एसडीएम सिंगरौली श्री सुरेश जाधव, एसडीएम माड़ा श्री नंदन तिवारी, एसडीएम चितरंगी श्री देवेन्द्र द्विवेदी, नगर निगम आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान सहित जिले के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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