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2 साल से पुराने जन्म-मृत्यु पंजीयन न होने पर कांग्रेस नेता का ऐतराज, कलेक्टर से की तत्काल संज्ञान लेने की मांग

राजपत्र का हवाला देकर तहसील स्तर पर आवेदन न लेने से आम जनता हो रही परेशान

सिंगरौली।दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म एवं मृत्यु पंजीयन के मामलों में नया राजपत्र बताकर तहसील स्तर पर आवेदन स्वीकार न किए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। इसे लेकर जिला कांग्रेस कमेटी (पिछड़ा वर्ग विभाग) के संगठन मंत्री और अधिवक्ता उसैद हसन सिद्दीकी ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने जिला कलेक्टर से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर अधिकारियों को निर्देशित करने और आम जनता को राहत दिलाने की मांग की है।

भ्रामक जानकारी से परेशान हो रहे नागरिक

एडवोकेट उसैद हसन सिद्दीकी ने बताया कि तहसील स्तर पर 6 अगस्त 2026 के राजपत्र का हवाला देकर दो साल से पुराने जन्म-मृत्यु पंजीयन के प्रकरणों को वापस किया जा रहा है। अधिकारियों के इस रवैये से आम नागरिकों को बेवजह सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे उन्हें भारी मानसिक व आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्य रजिस्ट्रार का स्पष्ट निर्देश- पूर्ववत रहेगी प्रक्रिया

सिद्दीकी ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) एवं आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी (मध्य प्रदेश) द्वारा जारी पत्र में यह साफ किया जा चुका है कि 6 अगस्त 2026 के राजपत्र के आधार पर पुरानी प्रक्रिया को समाप्त करने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। पत्र में स्पष्ट निर्देश हैं कि आगामी आदेश तक ‘जन्म-मृत्यु पंजीयन अधिनियम, 1969’ की धारा 13(3) के तहत विलंबित पंजीयन की प्रक्रिया पहले की तरह ही लागू रहेगी।

कलेक्टर से की नियम का पालन कराने की मांग

अधिवक्ता सिद्दीकी ने सिंगरौली कलेक्टर से मांग की है कि जिले के सभी संबंधित अधिकारियों और तहसीलदारों को मुख्य रजिस्ट्रार के इन स्पष्ट निर्देशों से अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म-मृत्यु पंजीयन के लंबित और नए प्रकरणों का नियमानुसार निराकरण हो, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।

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