जिला ब्लड बैंक के खून को प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सक ने बताया खराब
आपरेशन के लिए मरीज को अस्पताल में कराया गया है भर्तीए परिजन परेशान

रेणुकूट निवासी ने फेसबूक पर एक पोस्ट कर लगाया है गंभीर आरोप
सोनभद्र। सदर कोतवाली अंतर्गत जिला अस्पताल के समीप हाईवे किनारे संचालित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती मरीज अपनी जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। खून की आवश्यकता होने के बावजूद प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों ने जिला ब्लड बैंक से लाए गए खून को खराब बताते हुए नगर के एक चर्चित अस्पताल के ब्लड बैंक से खून लाने की सलाह दिए हैं। रेनुकूट निवासी दिलीप कुमार दूबे ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म, फेसबूक पर एक पोस्ट कर यह जानकारी देते हुए स्वास्थ्य महकमा पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा किया है।

रेणुकूट निवासी दिलीप कुमार दूबे के अनुसार इनके द्वारा अब तक दर्जनों बार ब्लड डोनेट किया जा चुका है। किसी भी धर्म जाति के मरीज को ब्लड देने के लिए वे हमेशा तत्पर रहते हैं। इनके अनुसार जिला अस्पताल के समीप संचालित लाइफ केयर हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में एक मरीज को आपरेशन के लिए भर्ती कराया गया है। अस्पताल के चिकित्सक ने मरीज की हालत गंभीर बताते हुए आपरेशन से पहले उसे खून चढ़ाने की सलाह दिए। पीड़ित परिवार किसी प्रकार से दिलीप कुमार दूबे से संकर्प किया। बाद दिलीप कुमार दूबे ने अपने सहयोगियों की मदद से जिला ब्लड बैंक से खून की व्यवस्था करायी।
आरोप है कि परिवार के लोग जिला ब्लड बैंक से खून लेकर जैसे ही उक्त प्राइवेट हास्पिटल पहुंचे। अस्पताल के चिकित्सक ने जिला ब्लड बैंक से लाए गए खून को खराब बताते हुए नगर के सांई हास्पिटल के ब्लड बैंक से खून लाने की सलाह दिए। इस पर परिवार के लोग जब असमर्थता व्यक्त किया तो आरोप है कि उसके मरीज का दवा इलाज व आपरेशन रोक दिया गया। जिससे मरीज की हालत और खराब होे गई। उधर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर लाइफ केयर हास्पिटल में भर्ती मरीज के परिजन के सेलफोन पर काल कर वार्ता की गई तो परिजनों ने आरोपोें की पुष्टि करते हुए रो पड़े। बाद हास्पिटल प्रबंधक से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया। लेकिन उन्होंने काल रीसिव नहीं किया। लिहाजा उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।













