ब्लास्टिंग के मलबे से घर क्षतिग्रस्त, दो महिलाएं घायल
मेढ़ौली में पत्थर और कोयले के टुकड़े घर में गिरे, एलवेस्टर टूटा; घटना से रहवासियों में दहशत

सिंगरौली। एनसीएल जयंत परियोजना में ब्लास्टिंग के दौरान मेढ़ौली क्षेत्र में पत्थर और कोयले का मलबा एक घर में जा गिरा। घटना में घर के एलवेस्टर को नुकसान पहुंचा और दो महिलाओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। अचानक हुए घटनाक्रम के बाद आसपास के रहवासियों में दहशत का माहौल है।बताया गया कि मेढ़ौली के वार्ड क्रमांक 9 एवं 10 की सीमा के पास ब्लास्टिंग के दौरान पत्थर और कोयले के टुकड़े तेजी से उछलकर बसंत वियार के घर में जा गिरे। घटना के दौरान जागमती वियार, पति बसंत वियार तथा मंजु वियार, पति छोटेलाल वियार के चोटिल होने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इनमें एक महिला बुजुर्ग है, जबकि दूसरी महिला गर्भवती बताई जा रही है।
घर के एलवेस्टर टूटे, गेहूं पर बिखरा कोयला
ब्लास्टिंग के बाद घर के एलवेस्टर टूट गए। वहीं आंगन में रखा गेहूं कोयले और मलबे से भर गया। अचानक पत्थर और मलबा गिरने से परिवार में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्र के नजदीक ब्लास्टिंग होने से लोगों को हमेशा पत्थर और मलबा घरों तक पहुंचने की आशंका बनी रहती है। उनका कहना है कि घटना में दो महिलाएं चोटिल हुई हैं, ऐसे में भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रभावित परिवारों में बढ़ी चिंता
मोरवा क्षेत्र में एनसीएल की परियोजनाओं से प्रभावित परिवार पहले से ही विस्थापन, पुनर्वास और मुआवजे से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी समस्याएं उठाते रहे हैं। अब ब्लास्टिंग के दौरान घर को नुकसान पहुंचने की घटना से प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
रहवासियों ने प्रशासन और एनसीएल प्रबंधन से मांग की है कि रिहायशी इलाकों के आसपास होने वाली ब्लास्टिंग की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए। साथ ही प्रभावित घर का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन और घायल महिलाओं की स्थिति की जानकारी ली जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन गतिविधियों के साथ क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।













