पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने से लेकर रेलवे विस्थापन तक, कलेक्टर ने दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

सिंगरौली। कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समय-सीमा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों, शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और अभियानों की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने छूटे हुए एवं नए पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। आगामी त्योहारों को देखते हुए मजिस्ट्रेट और थाना स्तर पर पूजा समितियों के साथ बैठक आयोजित करने तथा मुख्य आयोजकों की अनिवार्य रूप से सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा।
रेलवे लाइन विस्थापन की समीक्षा करते हुए एसडीएम देवसर एवं चितरंगी को प्रक्रिया में तेजी लाने और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिन प्रकरणों में अवार्ड पारित हो चुके हैं, उनमें शत-प्रतिशत मुआवजा राशि का भुगतान तथा दस्तावेजों की पूर्ति के लिए शिविर लगाने को कहा गया।कलेक्टर ने नगरीय क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रखने, वनाधिकार अधिनियम के निरस्त दावों का पुनः परीक्षण करने और साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
करदा में सांदीपनि विद्यालय के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए बस टर्मिनल एवं डिपो निर्माण हेतु उपयुक्त स्थल चिन्हित करने के निर्देश नगर निगम आयुक्त को दिए गए। चुनकुमारी स्टेडियम के ग्राउंड की लेवलिंग, आवश्यक व्यवस्थाओं और मॉडल रोड का निर्माण निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने को कहा गया।
जिला शिक्षा अधिकारी को ग्राम पंचायत करदा में सांदीपनि विद्यालय स्थापित किए जाने के लिए स्थल चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। रोजगार अधिकारी को एनएटीएस एवं एनएपीएस के तहत औद्योगिक कंपनियों के साथ उनकी संविदा कंपनियों का भी शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने तथा निर्धारित लक्ष्य को तीन दिन में पूरा करने को कहा गया।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान 50 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत निराकरण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही राजस्व एवं भू-अर्जन से जुड़े लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों और जनहित से जुड़े प्रकरणों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी गंभीरता, तत्परता और समयबद्धता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करें।













