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रेत का अवैध कारोबार कोतवाली क्षेत्र में थम नही रहा

रात के साथ-साथ दिन में भी रेत की चोरी शुरू, चर्चाओं का बाजार गर्म
पोल खोल सिंगरौली
कोतवाली क्षेत्र बैढ़न के बलियरी से रेत की चोरी थमने का नाम नही ले रहा है। आरोप लग रहा है कि कोतवाल समेत पुलिस अधिकारी जान कर भी अनजान बने हुये हैं। जहां लोगों के तरह-तरह की चर्चाएं की जा रही हैं।
गौरतलब है कि कोतवाली क्षेत्र बैढ़न के बलियरी एवं गनियारी के नदियों से अवैध रेत का उत्खनन एवं परिवहन बारिश थमते ही जोर पकड़ने लगा है। आलम यह है कि रात में जहां कोतवाली क्षेत्र के समीपी रिहंद, म्यार नदियों से ट्रैक्टर कारोबारी रेत का उत्खनन कर धड़ल्ले के साथ परिवहन शुरू कर दिये हैं।
यहां तक कि सुबह और कभी कभार दोपहर के वक्त भी गनियारी क्षेत्र में ट्रैक्टर ट्रॉली के माध्यम से परिवहन किया जाता है। रेत किसी को दिखाई न दे, ऊपर से त्रिपाल ढक दिया जाता है, ताकि रेता पर किसी की नजर ना पड़े। चर्चाएं है कि कोतवाली पुलिस के सरंक्षण में रेत का अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण किया जा रहा है।
हालांकि पिछले एक साल से कोतवाली क्षेत्र में रेत का अवैध कारोबार काफी जोर पकड़ा हुआ है। आरोप है कि जिम्मेदार पुलिस अधिकारी जानकर भी अनजान बने हुये हैं। इसके पीछे कारण क्या है, इसेे तो पुलिस अधिकारी ही बताएंगे, लेकिन इस बात की चर्चा जोरशोर से है कि रात भर नदियों से रेत की चोरी करने वाले ट्रैक्टर कारोबारियों से अच्छा-खासा नजराना वसूला जाता है।
कोतवाली क्षेत्र में पुलिस अधिकारियों की लोगों के गले से बात नही उतर रही है। बहरहाल कोतवाली क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार को लेकर पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं।
एक रात में 5 हजार करना पड़ता है खर्च एक रेत कारोबारी ने चर्चा के दौरान बताया कि रात भर रेत उत्खनन के लिए 5 हजार रूपये अतिरिक्त खर्च बैठता है। सुबह से लेकर दोपहर तक में एक रात का भुगतान कर देना पड़ता है।
तभी अगली रात कार्य करने के लिए इजाजत मिलती है, वरना कोई भी रेत कारोबारी नदी से रेत उत्खनन परिवहन नही कर सकता है। अब सवाल उठ रहा है कि अवैध रेत कारोबारियों से एक रात का 5 हजार रूपये वसूलने वाला कौन है। रेत कारोबारी भी नाम नही बताया। उसने यह भी कहा कि इसके अलावा लोडिंग-अनलोड़िंग एवं परिवहन का खर्च अलग है। ट्रिप पर एक रात की आमदनी निर्भर है। जो जितना ट्रिप लगाता है, उतना ही फायदे में रहता है।













