महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों में 187 सांसद-विधायक, भाजपा के सबसे अधिक जनप्रतिनिधि
एडीआर की रिपोर्ट में खुलासा, 19 सांसदों और 188 विधायकों ने चुनावी हलफनामों में घोषित किए महिला अपराध से संबंधित मामले; 14 जनप्रतिनिधियों पर दुष्कर्म के मुकदमे

नई दिल्ली। देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध की गंभीर स्थिति के बीच एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के 187 वर्तमान सांसदों और विधायकों ने अपने चुनावी हलफनामों में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार से जुड़े मामलों की जानकारी घोषित की है। इनमें भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधियों की संख्या सबसे अधिक है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 14 वर्तमान सांसदों और विधायकों पर दुष्कर्म से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं।
एडीआर और नेशनल इलेक्शन वॉच ने देश के वर्तमान जनप्रतिनिधियों के चुनावी हलफनामों का विश्लेषण किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 4899 सांसदों और विधायकों में से 4881 के हलफनामों का अध्ययन किया गया। इस विश्लेषण में 772 वर्तमान सांसदों और 4109 वर्तमान विधायकों से संबंधित जानकारी शामिल है। रिपोर्ट में इस्तीफे, मृत्यु और अन्य कारणों से हुए उपचुनावों से जुड़े मामलों का भी विश्लेषण किया गया है।
भाजपा के 106 जनप्रतिनिधियों ने घोषित किए मामले
दलवार आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार से जुड़े मामलों की घोषणा करने वाले जनप्रतिनिधियों में भाजपा सबसे आगे है। पार्टी के 106 वर्तमान सांसदों और विधायकों ने अपने हलफनामों में ऐसे मामले घोषित किए हैं। इसके बाद कांग्रेस के 20 और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के 18 जनप्रतिनिधियों के नाम सामने आए हैं।
रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि ये आंकड़े जनप्रतिनिधियों की ओर से चुनावी हलफनामों में घोषित मामलों पर आधारित हैं। किसी मामले का दर्ज होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने के बराबर नहीं है।
पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक जनप्रतिनिधि
राज्यों के लिहाज से पश्चिम बंगाल पहले स्थान पर है। यहां के 69 वर्तमान सांसदों और विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ अत्याचार से संबंधित मामले घोषित किए हैं। आंध्र प्रदेश में ऐसे 22 और ओडिशा में 17 जनप्रतिनिधि हैं।
14 जनप्रतिनिधियों पर दुष्कर्म के मुकदमे
एडीआर के विश्लेषण के अनुसार, देश के 14 वर्तमान सांसदों और विधायकों पर दुष्कर्म से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 2 लोकसभा सांसद और 12 विधायक शामिल हैं। दलवार आंकड़ों में भाजपा के 2 सांसदों और 2 विधायकों के साथ कांग्रेस के 4 विधायकों पर ऐसे मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
2024 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 4.41 लाख से अधिक मामले
रिपोर्ट में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का भी उल्लेख किया गया है। इनके अनुसार, वर्ष 2024 में देशभर में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 4,41,534 मामले दर्ज किए गए। इस हिसाब से प्रतिदिन औसतन करीब 1210 मामले सामने आए।
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली और तेलंगाना में महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुनी रही। राष्ट्रीय स्तर पर प्रति लाख महिला आबादी पर अपराध की दर 64.6 दर्ज की गई।
एडीआर की रिपोर्ट ने महिलाओं की सुरक्षा और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। चुनावी हलफनामों में घोषित मामलों के ये आंकड़े राजनीतिक दलों के लिए भी आत्ममंथन का विषय हैं। हालांकि, मामलों की वास्तविक स्थिति समझने के लिए आरोप, लंबित मुकदमे और न्यायालय से दोषसिद्धि के बीच अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।













