सीएमएचओ के भोपाल जाते ही बेपटरी हुई व्यवस्था: दोपहर 12 बजे तक खाली पड़ी रहीं कुर्सियां, कमरों में लटके मिले ताले

सिंगरौली :विभाग प्रमुख के मुख्यालय में न होने का मातहत अधिकारी और कर्मचारी किस कदर फायदा उठाते हैं, इसका प्रत्यक्ष नजारा गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय में देखने को मिला। सीएमएचओ के भोपाल प्रवास पर जाते ही अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी मनमानी पर उतर आए और दोपहर 12 बजे तक दफ्तर में सन्नाटा पसरा रहा।
कुर्सियां खाली, कक्षों में लटके रहे ताले:
गुरुवार को कार्यालय के प्रथम तल पर स्थित आवक-जावक, लेखा शाखा सहित अन्य पटल दोपहर तक पूरी तरह खाली पड़े रहे। कई महत्वपूर्ण शाखाओं के कमरों में ताले लटकते मिले। पूर्वान्ह सवा 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच भूतल स्थित कार्यालयों में सिर्फ एक कर्मचारी की मौजूदगी दर्ज की गई। वहीं, मलेरिया कार्यालय परिसर से संचालित होने वाली सीएमएचओ की स्थापना शाखा में भी ताला बंद पाया गया।

डीपीएम और आईडीएसपी शाखा से भी स्टाफ नदारद:
प्रथम तल स्थित जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (डीपीएम यूनिट) में एक लेखापाल और तीन अन्य कर्मचारियों के अलावा अन्य सभी सीटें खाली थीं। आईडीएसपी शाखा सहित अन्य सभी पटलों से अधिकारी और कर्मचारी दोपहर 12 बजे तक नदारद रहे। मौके पर मौजूद कर्मचारी यह तक स्पष्ट नहीं कर सके कि कौन अवकाश पर है और कौन अनाधिकृत रूप से गैरहाजिर।
हितग्राही होते रहे परेशान:
मंगलवार के अवकाश के बाद बुधवार से सरकारी दफ्तरों का कामकाज विधिवत शुरू हो चुका था, इसके बावजूद गुरुवार को सीएमएचओ कार्यालय में घोर लापरवाही देखने को मिली। जरूरी विभागीय कार्यों और योजनाओं के सिलसिले में दूर-दराज से पहुंचे हितग्राहियों को संबंधित कर्मचारियों के न मिलने से घंटों भटकना पड़ा और भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।













