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भोपाल-इंदौर के बीच 1 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक रोडमैप बनेगा, अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री की घोषणा

सौर ऊर्जा परियोजनाओं से लेकर नगरीय निकायों के वित्तीय सशक्तीकरण तक पर मंथन, अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने की भी तैयारी

इंदौर। मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में शामिल करने की दिशा में भोपाल और इंदौर के बीच 1 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक रोडमैप तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के शुभारंभ अवसर पर यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश, आधुनिक बुनियादी ढांचे और नवाचार को बढ़ावा देकर शहरी विकास को नई दिशा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने भोपाल-इंदौर क्षेत्र को प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर जोर दिया। इसके साथ ही प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए भोपाल और इंदौर से दुनिया के प्रमुख देशों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की योजना पर काम किए जाने की जानकारी दी।

सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर 1,564 करोड़ रुपये का निवेश

कॉन्क्लेव की शुरुआत सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी बैठक के साथ हुई। इसमें 20 से अधिक प्रमुख निवेशकों ने भाग लिया। मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मंजीत सिंह ने बिरसिंहपुर जलाशय में प्रस्तावित 200 मेगावाट क्षमता की तैरती सौर ऊर्जा परियोजना और 50 मेगावाट तथा 100 मेगावाट क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों की जानकारी प्रस्तुत की।

इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब 1,564 करोड़ रुपये बताई गई। प्रस्तावित व्यवस्था से नगरीय निकायों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। बैटरी भंडारण प्रणाली के जरिए शाम के समय 2 घंटे तक बिजली आपूर्ति संभव बनाने की योजना है। इससे बिजली खर्च घटाने और ग्रिड पर निर्भरता कम करने में सहायता मिल सकती है।

200 नगरीय निकायों के लिए वित्तीय मॉडल

सम्मेलन में नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और विकास योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने पर भी चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने वित्तीय सशक्तीकरण के लिए नए मॉडल अपनाने पर जोर दिया।

बैठक में करीब 200 नगरीय निकायों की बिजली आपूर्ति और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए साझा नगरपालिका बॉन्ड मॉडल पर विचार किया गया। इसके तहत कई निकायों की वित्तीय जरूरतों को एक साथ जोड़कर बाजार से संसाधन जुटाने की व्यवस्था विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य स्थानीय निकायों की वित्तीय क्षमता और विकास कार्यों को गति देना है।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण विकास और धार्मिक पर्यटन का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध होने से ग्रामीण परिवारों को ऋण लेने और कारोबार शुरू करने में सहायता मिल सकती है।

उन्होंने मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के बढ़ते महत्व का भी उल्लेख किया। राज्य में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और होटल क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया।

डिजिटल तकनीक से महाकाल की भस्म आरती के दर्शन

कॉन्क्लेव में नगरीय विकास एवं आवास विभाग की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए नवाचार दीर्घा और डिजिटल कियोस्क लगाए गए। मुख्यमंत्री ने विभागीय ई-पुस्तिका का अवलोकन किया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण 6-डी आभासी वास्तविकता तकनीक रही, जिसके माध्यम से मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों ने उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती के दर्शन का अनुभव प्राप्त किया।

कॉन्क्लेव में औद्योगिक निवेश, सौर ऊर्जा, नगरीय निकायों की वित्तीय आत्मनिर्भरता और धार्मिक पर्यटन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इन पहलों के जरिए प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और शहरों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम करने पर जोर दिया गया।

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