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पचौर में भारी वाहनों के खिलाफ ग्रामीणों का चक्काजाम, टीएचडीसी और बंधा कोल ब्लॉक के टैंकरों पर रोक लगाने की मांग

सिंगरौली। जिले की बरगवां तहसील अंतर्गत पचौर गांव में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क से भारी वाहनों के आवागमन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। टीएचडीसी अमिलिया कोल माइन और बंधा कोल ब्लॉक कंपनी के तेल टैंकरों, विस्फोटक सामग्री ले जाने वाले वाहनों तथा 8 टन से अधिक भार वाले वाहनों के आवागमन का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतिबंधित सड़क पर लगातार भारी वाहनों के गुजरने से सड़क जर्जर हो चुकी है और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क का निर्माण गांव के लोगों की आवाजाही के लिए किया गया है, लेकिन इस मार्ग से कंपनियों के भारी टैंकर और अन्य बड़े वाहन दिन-रात गुजर रहे हैं। इससे सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। भारी वाहनों के आवागमन से उड़ने वाली धूल के कारण आसपास के रहवासियों को भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि संकरी सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पहले भी कंपनी प्रबंधन और प्रशासन के समक्ष शिकायत की गई, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी से नाराज होकर ग्रामीण सड़क पर बैठ गए और वाहनों की आवाजाही रोक दी। चक्काजाम के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।

पूर्व सरपंच ने भी जताई आपत्ति

पूर्व सरपंच श्याम कार्तिक दुबे ने भी इस मार्ग से भारी वाहनों के संचालन पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह सड़क कंपनियों के भारी वाहनों के आवागमन के लिए नहीं बनी है। इसके बावजूद तेल टैंकर, विस्फोटक सामग्री ले जाने वाले वाहन और भारी सामान से लदे वाहन इस रास्ते से गुजर रहे हैं। उन्होंने विस्फोटक वाहनों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी वाहन में आग लगने या कोई गंभीर दुर्घटना होने की स्थिति बनती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण इस सड़क से प्रतिबंधित भारी वाहनों के आवागमन को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे।

मौके पर पहुंची पुलिस, लिखित आश्वासन की मांग

चक्काजाम की सूचना मिलने पर बरगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें भारी एवं प्रतिबंधित वाहनों का आवागमन बंद कराने के संबंध में लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क से नियमों के विरुद्ध चल रहे भारी वाहनों, तेल टैंकरों और विस्फोटक सामग्री ले जाने वाले वाहनों का आवागमन तत्काल बंद कराया जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित कंपनी प्रबंधन ग्रामीणों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।

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