पावरग्रिड शक्तिनगर की सतर्कता रैली से गूंजा ईमानदारी का संदेश, भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण का आह्वान
सत्यनिष्ठा से समृद्धि थीम के तहत निकाली गई जागरूकता रैली; अधिकारियों, कर्मचारियों, नागरिकों और ठेकेदारों ने पारदर्शिता एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने पर दिया जोर

सिंगरौली-भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के निर्माण, कार्य संस्कृति में पारदर्शिता बढ़ाने और समाज में ईमानदारी एवं नैतिक मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से पावरग्रिड शक्तिनगर ट्रांसमिशन लाइन कार्यालय की ओर से सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 के अंतर्गत जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से आम नागरिकों को भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए अपने दैनिक जीवन और कार्यक्षेत्र में सत्यनिष्ठा अपनाने का संदेश दिया गया।
पावरग्रिड कार्यालय से ज्वालामुखी रोड तक आयोजित इस रैली में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनजागरूकता का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि ईमानदारी, जवाबदेही और पारदर्शिता किसी भी संस्थान की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने के साथ-साथ समाज में लोगों का विश्वास कायम रखने के लिए भी आवश्यक हैं।
रैली के माध्यम से भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता का संदेश
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत आयोजित रैली का उद्देश्य भ्रष्टाचार के प्रति लोगों को सजग करना और इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा। रैली के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया गया कि वे अपने कार्यों में निष्पक्षता और ईमानदारी को प्राथमिकता दें तथा किसी भी स्तर पर अनैतिक गतिविधियों को बढ़ावा न दें।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि भ्रष्टाचार केवल प्रशासनिक या संस्थागत समस्या नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव समाज के प्रत्येक वर्ग पर पड़ता है। इसलिए इसके विरुद्ध प्रभावी वातावरण तैयार करने के लिए सरकारी संस्थानों, निजी क्षेत्र, ठेकेदारों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने निभाई सहभागिता
पावरग्रिड शक्तिनगर ट्रांसमिशन लाइन कार्यालय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में उप महाप्रबंधक एके शुक्ला, मुख्य प्रबंधक जितेंद्र सिंह तथा कनिष्ठ अभियंता राहुल, अमित, एकराम, अशोक और उत्तम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों और कर्मचारियों की सहभागिता के माध्यम से कार्यस्थल पर नैतिक आचरण, नियमों के पालन और पारदर्शी कार्यप्रणाली के महत्व को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रखने के साथ-साथ संगठन में जवाबदेही और सत्यनिष्ठा की संस्कृति को प्रोत्साहित करना भी रहा।
नागरिकों और ठेकेदारों के साथ जागरूकता वार्ता
रैली के साथ नगर के सम्मानित नागरिकों और ठेकेदारों के साथ जागरूकता वार्ता भी आयोजित की गई। इसमें ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता को व्यवहार में अपनाने पर जोर दिया गया। वार्ता के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि संस्थागत कार्यों में निष्पक्षता और स्पष्ट प्रक्रिया बनाए रखने से अनियमितताओं की आशंका कम की जा सकती है।
कार्यक्रम में नागरिकों और ठेकेदारों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए भ्रष्टाचार के विरुद्ध सामूहिक जागरूकता विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। संदेश यह रहा कि किसी भी व्यवस्था को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए केवल नियम और कानून पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक आचरण और जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता भी उतनी ही जरूरी है।
सत्यनिष्ठा से समृद्धि है इस वर्ष की थीम
केंद्रीय सतर्कता आयोग भारत सरकार के तत्वावधान में सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का आयोजन 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक किया जा रहा है। इस वर्ष अभियान की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ रखी गई है।
इस थीम का मूल संदेश है कि ईमानदारी और नैतिक मूल्यों पर आधारित कार्यप्रणाली से ही संस्थानों तथा समाज का दीर्घकालीन विकास संभव है। सतर्कता जागरूकता सप्ताह के माध्यम से लोगों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन निष्पक्षता से करने, नियमों का पालन करने और भ्रष्टाचार के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
पारदर्शी व्यवस्था के निर्माण में जनभागीदारी जरूरी
पावरग्रिड शक्तिनगर की इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण की जिम्मेदारी केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित नहीं है। प्रत्येक नागरिक को अपने स्तर पर ईमानदारी और पारदर्शिता का पालन करना चाहिए। वहीं, संस्थानों को भी अपने कार्यों में जवाबदेही, निष्पक्षता और नैतिक मानकों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत आयोजित यह कार्यक्रम भ्रष्टाचार के खिलाफ जनचेतना बढ़ाने और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत करने की दिशा में एक पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि सत्यनिष्ठा केवल एक सप्ताह का संकल्प नहीं, बल्कि दैनिक जीवन और कार्यसंस्कृति का स्थायी हिस्सा बननी चाहिए।










