एनटीपीसी विंध्याचल में विश्व गुणवत्ता माह का शुभारंभ, गुणवत्ता और सुरक्षा पर दिया जोर

सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्याचल में 2 नवंबर 2026 को विश्व गुणवत्ता माह का शुभारंभ किया गया। इस वर्ष माह का मूल मूल्य “समग्र गुणवत्ता एवं सुरक्षा” और आयोजन की थीम “प्रदर्शन को नई ऊर्जा—हर कार्य में गुणवत्ता एवं सुरक्षा” रखी गई है। समारोह में कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) किशोर कुमार होता सहित परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। एनटीपीसी के पूर्व कार्यकारी निदेशक (गुणवत्ता आश्वासन एवं निरीक्षण) एम.के. अस्थाना विशिष्ट अतिथि वक्ता के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, पारंपरिक दीप प्रज्वलन और एनटीपीसी गीत के साथ हुआ। इसके बाद किशोर कुमार होता ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गुणवत्ता की शपथ दिलाई। अपर महाप्रबंधक (एफक्यूए) एवं मूल मूल्य चैंपियन बी.एच. रामकृष्ण ने पूरे माह आयोजित होने वाली गतिविधियों और पहलों की जानकारी दी। इस अवसर पर परियोजना प्रमुख का “समग्र गुणवत्ता एवं सुरक्षा” संबंधी संदेश, विशेष रूप से तैयार रेडियो जिंगल और गुणवत्ता माह की वेबसाइट का विमोचन किया गया।
अपने संबोधन में कार्यकारी निदेशक किशोर कुमार होता ने कहा कि संगठन के प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता के प्रति सजगता, सक्रिय सुरक्षा उपायों और निरंतर सुधार को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने गुणवत्ता और सुरक्षा को कार्य-संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाने पर जोर दिया।विशिष्ट अतिथि एम.के. अस्थाना ने अपने लगभग चार दशक के व्यावसायिक अनुभव साझा करते हुए व्यक्तिगत जवाबदेही, व्यवस्थित सुधार और संगठन के सतत विकास में गुणवत्ता एवं सुरक्षा की भूमिका पर प्रकाश डाला। उनके योगदान के लिए किशोर कुमार होता ने उन्हें सम्मानित किया।
युवा अभियंताओं के लिए विशेष व्याख्यान
विश्व गुणवत्ता माह के तहत क्षेत्रीय ज्ञानार्जन संस्थान (आरएलआई), विंध्याचल ने एफक्यूए विभाग के सहयोग से युवा अभियंताओं और कार्यपालक प्रशिक्षुओं के लिए “गुणवत्ता के आयाम—सुरक्षा एवं संगठनात्मक विकास का मार्ग” विषय पर विशेष अतिथि व्याख्यान आयोजित किया।सत्र के उद्घाटन संबोधन में महाप्रबंधक (तकनीकी सेवाएं एवं परियोजनाएं) देबब्रत त्रिपाठी ने संगठनात्मक उत्कृष्टता में गुणवत्ता और सुरक्षा की निर्णायक भूमिका बताई। उन्होंने युवा पेशेवरों से एम.के. अस्थाना के अनुभवों से सीखने और गुणवत्ता को अपनी कार्यशैली एवं सोच का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) मणिक्यन सुरेश, महाप्रबंधक (अनुरक्षण एवं एडीएम) निर्मल कुमार सिंह, महाप्रबंधक (चिकित्सा) डॉ. बिनोद कुमार भराली, महाप्रबंधक (रसायन) टी.एन. सीतारामन, महाप्रबंधक (वीएसआर ओवरहॉलिंग) हुतेंद्र प्रसाद देवांगन, अपर महाप्रबंधक (आरएलआई) डॉ. देबास्मिता त्रिपाठी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सत्र में बी.एच. रामकृष्ण की भी सहभागिता रही।
दोनों आयोजनों के माध्यम से एनटीपीसी विंध्याचल ने यह संदेश दिया कि गुणवत्ता सभी की जिम्मेदारी है और सुरक्षा प्रत्येक कार्य का अनिवार्य हिस्सा है। विश्व गुणवत्ता माह के आयोजन से उत्कृष्टता, सुरक्षित प्रचालन और सतत विकास के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।











