कैलिबर माइनिंग लॉजिस्टिक लिमिटेड कंपनी में गोरबी अजंता राध जैसे ही भर्ती कराने की उठने लगी मांग

कैलिबर माइनिंग लॉजिस्टिक लिमिटेड कंपनी में दलाल सक्रिय
पोल खोल सिंगरौली
सिंगरौली जिले में सबसे ज्यादा लोग विस्थापन की मार झेलते हैं। ऐसे में यहां के लोगों के पास रोजगार की समस्या अक्सर बनी रहती है। सिंगरौली जिले में ऊर्जा संयंत्रों और कोल खदानों के बाद भी यहां के लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
ऐसे में नवागत कलेक्टर गौरव बैनल द्वारा किए गए सराहनीय पहल को देखते हुए एनसीएल में खनन कार्य में लगी अन्य ओबी कंपनियों में भी पारदर्शिता के आधार पर भर्ती प्रक्रिया चालू करने और स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग अब तेज हो चली है।
गौरतलब है कि सिंगरौली कलेक्टर गौरव वैनल के द्वारा गोरबी ब्लॉक बी परियोजना में ओबी कंपनी अजंता राधा को सख्त निर्देश दिया गया कि रोजगार मेला लगाकर विस्थापितों एवं प्रभावितों की खुली भर्ती ली जाए।
जिसके निर्देश का पालन करते हुए गोरबी एनसीएल ग्राउंड में 27 अक्टूबर को खुली भर्ती ली गई जिसमें हजारों की संख्या में युवा बेरोजगार द्वारा पहुंचकर अपना रिज्यूम जमा किया गया। लोगों ने कलेक्टर गौरव बैनल के इस पहल की जमकर तारीफ की। अब लोगों का कहना है कि अन्य कंपनियों में भी इसी तर्ज पर भर्ती प्रक्रिया निकली जाए।
जानकारी अनुसार एनसीएल दुद्धीचुआ परियोजना में ओबी हटाने के काम में लगी कैलिबर माईनिंग एंड लॉजिस्टिक लिमिटेड के द्वारा अन्य प्रदेशों से श्रमिकों को बुलाकर भरती की जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कैलिबर मीनिंग लॉजिस्टिक लिमिटेड कंपनी को दुद्धीचुआ में ओबी हटाने का काम मिला है जिसका संपूर्ण माइंस सहित कैंप मोरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत आता है लेकिन कंपनी के द्वारा यहां पर मनमानी तरीके से भरती की जा रही है। कंपनी बिहार, झारखंड सहित अन्य प्रदेशों से श्रमिकों को बुलाकर भर्ती कर रही है।
अन्य ओबी में भी बिचौलिये हावी
जिले के विभिन्न कंपनियों में पैसा लेकर रोजगार दिलाने की बात सुर्खियों में रहती है। लोगों का आरोप है कि कंपनी में कुछ लोग बिचौलिए का काम करते हैं जो श्रमिकों से भारी रकम ऐठ कर रोजगार दिलाते हैं।
लोगों ने कलेक्टर का ध्यान आकर्षित कराते हुए कहा है कि कैलिबर मीनिंग लॉजिस्टिक लिमिटेड कंपनी को भी निर्देशित कर खुली भर्ती कराया जाना चाहिए। जिससे विस्थापितों एवं प्रभावितों को रोजगार मिल सके। लोगों ने कंपनी प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि बबलू मिश्रा के द्वारा भर्ती प्रक्रिया में झोल झाल किया जा रहा है। बबलू मिश्रा का कभी फोन नहीं लगता और न हीं उनसे मुलाकात हो पाती है। अगर कंपनी द्वारा खुली भर्ती ली जाए तो लोगों को आसानी से रोजगार मिल सकता है।












