बड़ी खबरमध्य प्रदेशसिंगरौली

तीन साल बाद भी अधूरा बरगवां का आरओबी, 35 करोड़ की योजना बनी जनता के लिए अभिशाप

सिंगरौली।जिले के बरगवां क्षेत्र में पश्चिम मध्य रेलवे लाइन पर बन रहा रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) अब विकास का प्रतीक नहीं, बल्कि लापरवाही, अव्यवस्था और आम जनता की पीड़ा का बड़ा उदाहरण बन चुका है। करीब 35.07 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पुल तय समय सीमा 24 माह में पूरा होना था, लेकिन 30 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण अधूरा है।
22 जून 2023 को शुरू हुए इस प्रोजेक्ट पर पीआरएल प्रोजेक्ट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी काम कर रही है, लेकिन वर्तमान में निर्माण स्थल पर सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई-कई दिन तक एक भी मजदूर साइट पर नजर नहीं आता। मशीनें जंग खा रही हैं और निर्माण सामग्री यूं ही पड़ी है, जिससे साफ जाहिर होता है कि ठेकेदार को न तो समय की चिंता है और न जनता की परेशानी की।

बरगवां बाजार का व्यापार चौपट
आरओबी के अधूरे निर्माण का सबसे बड़ा खामियाजा बरगवां बाजार और सब्जी मंडी रोड के व्यापारी भुगत रहे हैं। लगभग 200 मीटर के दायरे में स्थित दुकानों पर ग्राहक पहुंचना बंद हो गया है। जाम, खुदाई और धूल के कारण लोग इस इलाके से कतराने लगे हैं और दूसरे बाजारों का रुख कर रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि जहां पहले दिनभर रौनक रहती थी, अब वहां सन्नाटा पसरा रहता है और रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है।

जाम, धूल और प्रदूषण से लोग बेहाल
निर्माण स्थल से उड़ती धूल ने हालात और बदतर कर दिए हैं। दुकानों, सब्जियों और खाने-पीने की सामग्री पर धूल की मोटी परत जम जाती है। व्यापारी बताते हैं कि सांस लेना तक मुश्किल हो गया है, लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा न तो पानी का छिड़काव कराया जा रहा है और न ही प्रदूषण नियंत्रण के कोई उपाय किए जा रहे हैं।

रोजाना फंसते हैं हजारों वाहन
बरगवां-बैढ़न मार्ग पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग नंबर 105 से प्रतिदिन करीब 50 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। फाटक बंद होते ही दोनों ओर लंबा जाम लग जाता है, जिसमें एंबुलेंस, स्कूली वाहन और आपात सेवाएं तक फंस जाती हैं। हाल ही में अतिक्रमण हटाने के बाद भी मार्ग फिर से अतिक्रमण की चपेट में आ गया है।सेतु निर्माण शाखा के अधिकारी वी.के. सिंह ने देरी को स्वीकार किया है, लेकिन जनता सवाल कर रही है कि सिर्फ बयान से कब तक काम चलेगा?अब बरगवां की जनता और व्यापारी ठेकेदार पर कार्रवाई और आरओबी को शीघ्र पूरा करने की मांग कर रहे हैं, ताकि 35 करोड़ की यह योजना वाकई विकास का जरिया बन सके, न कि परेशानी का।

Author

Related Articles

Back to top button