उत्तराखंड: टीएचडीसी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में लोको ट्रेनों की टक्कर, 59 लोग घायल

नई दिल्ली: उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित टीएचडीसी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में मंगलवार रात एक गंभीर हादसा हुआ। यह हादसा सुरंग के अंदर शिफ्ट बदलने के दौरान हुआ, जब दो लोको ट्रेनों के बीच टक्कर हो गई। हादसे के समय लगभग 110 इंजीनियर, कर्मचारी और मजदूर शिफ्ट पूरी कर वापस लौट रहे थे, और दोनों ट्रालियों में सवार थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ट्रालियां पलट गईं, जिससे सुरंग में अफरा-तफरी मच गई।
हादसा और राहत कार्य
हादसे के कारण सुरंग में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी फैल गई। जैसे ही दुर्घटना हुई, वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने राहत कार्य शुरू किया और घायलों को किसी तरह बाहर निकाला। जिला अस्पताल गोपेश्वर और विवेकानंद अस्पताल पीपलकोटी में कुल 59 घायलों को भर्ती कराया गया, जिनमें से 42 को गोपेश्वर और 17 को पीपलकोटी के अस्पताल में भर्ती किया गया। बाकी घायल कर्मचारियों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
मजदूरों का विवरण और घायल कर्मचारियों की स्थिति
हादसे में घायल अधिकतर लोग बिहार, ओडिशा और झारखंड से संबंधित हैं। जिला प्रशासन और परियोजना प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और स्थिति को नियंत्रित किया। जिलाधिकारी सौरभ कुमार ने बताया कि हादसा शिफ्ट बदलने के दौरान हुआ, और गंभीर रूप से घायल लोगों के हाथ और पैर में फ्रैक्चर आ गया है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक टीम गठित की गई है।
क्या है विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना?
यह जल विद्युत परियोजना उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित अलकनंदा नदी पर बनाई जा रही है। इसका निर्माण 2013-2014 में शुरू हुआ था और यह परियोजना 444 मेगावाट की कुल क्षमता के साथ तैयार हो रही है। परियोजना का वार्षिक उत्पादन लगभग 1657 मिलियन यूनिट होगा। इसमें 65 मीटर ऊंचा डायवर्जन बांध, टनल और पाइपलाइन सिस्टम शामिल हैं। इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें से 13 प्रतिशत बिजली उत्तराखंड को निशुल्क दी जाएगी, और 1 प्रतिशत बिजली स्थानीय विकास के लिए उपयोग की जाएगी।













