भारतीय सेना का ऑपरेशन सिंदूर: शत्रु को दिया करारा जवाब, 2026 के नव वर्ष पर सेनाध्यक्ष का संदेश

नई दिल्ली– भारतीय सेना ने 2025 के अंत में ऑपरेशन सिंदूर के तहत एक निर्णायक और प्रभावी कार्रवाई की, जिससे दुश्मन को करारा जवाब दिया गया। यह अभियान अभी भी जारी है और भारतीय सेना बॉर्डर पर सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने नव वर्ष पर अपने संदेश में यह जानकारी दी।
ऑपरेशन सिंदूर: एक निर्णायक कदम
जनरल द्विवेदी ने कहा, “गत वर्ष, शत्रु के नापाक इरादों को ऑपरेशन सिंदूर के तहत करारा उत्तर दिया गया। यह अभियान अब भी जारी है।” जम्मू कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में आतंकी हमले के बाद मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की गई। भारतीय सेना ने 9 आतंकी कैंपों को सीमा पार कर तबाह किया, जिसमें भारतीय सेना ने 7 और वायुसेना ने 2 आतंकी कैंप ध्वस्त किए। यह एक सटीक, सीमित और नियंत्रित कार्रवाई थी, जिसने दुश्मन को मजबूती से जवाब दिया, साथ ही तनाव को अनियंत्रित होने से भी बचाया।
पाकिस्तान के ड्रोन हमलों को विफल करना
इसके अलावा, पाकिस्तान की ओर से 7 से 10 मई तक भारत के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर ड्रोन हमलों की कई कोशिशें की गईं। भारतीय सेना की एयर डिफेंस यूनिट्स ने इन हमलों को पूरी तरह विफल कर दिया। यह भारतीय सेना की तत्परता और मजबूत रक्षा प्रणालियों का उदाहरण था, जो युद्ध के समय हर स्थिति में सशक्त रूप से खड़ी होती है।
2026 का संदेश: बदलाव और आत्मनिर्भरता की दिशा में
नव वर्ष 2026 के अवसर पर जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने भारतीय सेना के सभी अधिकारियों, जवानों, उनके परिवारों और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “यह नव वर्ष आपके जीवन में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए।”
उन्होंने भारतीय सेना के परिवर्तन की दिशा पर भी बात की और कहा, “हम एक परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं, जहां हमारी सामरिक शक्ति के स्तंभ हैं – संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार। हम स्वदेशी तकनीकों का प्रभावी इस्तेमाल, नए विचार और निरंतर सुधारों के माध्यम से सेना को और अधिक सक्षम बना रहे हैं, ताकि भविष्य के लिए यह पूरी तरह तैयार हो।”
राष्ट्र-निर्माण और सुरक्षा में सेना की भूमिका
जनरल द्विवेदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि भारतीय सेना राष्ट्र-निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा रही है और “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सेना का योगदान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने प्रत्येक नागरिक के योगदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आपका विश्वास, सहयोग और एकजुटता हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।”
समाप्ति में, सेनाध्यक्ष ने कहा, “हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी एकता और समर्पण है, और यह हमें देश की सुरक्षा और समृद्धि के रास्ते पर निरंतर अग्रसर रखेगी। जय हिन्द!”













