बड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़मध्य प्रदेशसिंगरौली

पार्षद अखिलेश सिंह ने महापौर पर कांग्रेस में फूट डालने के लगाये आरोप

अध्यक्ष के खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव से 9 पार्षदों ने नाम लिया वापस, राजनीति गरमाई

सिंगरौली- नगर पालिक निगम सिंगरौली में इन दिनों राजनीतिक माहौल काफी गरमाया हुआ है। नगर निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेय के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव से 9 पार्षदों ने नाम वापस ले लिया, जिसके बाद कांग्रेस पार्टी के नेता और पार्षद अखिलेश सिंह ने पीडब्ल्यूडी उच्च विश्राम गृह माजन मोड़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महापौर रानी अग्रवाल पर तीखा हमला किया।अखिलेश ने महापौर पर आरोप लगाया कि वह कांग्रेस पार्टी में फूट डालने की राजनीति कर रही हैं। उन्होंने कहा, महापौर ने वार्डों के विकास में भेदभाव किया है। उनका कामकाज पूरी तरह से विफल है, और वह पार्षदों को अंधेरे में रख रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महापौर की वजह से ही भा.ज.पा में शामिल हो रहे पार्षदों के बाद फिर वापस कांग्रेस में लौट रहे हैं।

अखिलेश सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि महापौर कांग्रेस के पार्षदों को तोड़ने का काम कर रही हैं, जबकि भाजपा ऐसा कुछ नहीं कर रही। उन्होंने कहा, महापौर हमेशा कांग्रेस के पार्षदों को तोड़ रही हैं। कांग्रेस के पार्षदों को अपनी पार्टी में वापस लाकर दिखाएं, फिर आगे कोई बात बन सकती है।

अखिलेश सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने महापौर से शर्तों के साथ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के सभी पार्षदों को एमआईसी में लाने की शर्त रखी थी, लेकिन महापौर और उनके पति प्रेम अग्रवाल ने उनकी शर्तों को नजरअंदाज किया।

इस दौरान कांग्रेस पार्षद अनिल बैस पर भी निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि वह हमें सोशल मीडिया पर सलाह देना बंद करें। अखिलेश के साथ इस बैठक में बंतो कौर, शेखर सिंह, रामगोपाल पाल, रविंद्र सिंह, और प्रेम सागर मिश्रा भी मौजूद रहे।

अविश्वास प्रस्ताव से इन पार्षदों ने लिया नाम वापस
ननि परिषद अध्यक्ष देवेश पाण्डेय के खिलाफ 20 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कलेक्टर के पास आवेदन किया था। लेकिन बाद में शेखर सिंह, ओम प्रकाश, बंतो कौर, रामगोपाल पाल, बबली शाह, रूकुमुन देवी, श्यामला, अखिलेश सिंह, और अर्चना विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से कलेक्टर को शपथ पत्र देकर अविश्वास प्रस्ताव से नाम वापस ले लिया। इस कदम से नगर निगम में राजनीति गर्मा गई है, और महापौर रानी अग्रवाल के साथ-साथ कांग्रेस पार्षद अनिल बैस को भी बड़ा झटका लगा है।नाम वापस लेने वालों में 6 कांग्रेस और 3 आम आदमी पार्टी के पार्षद शामिल हैं।

Author

Related Articles

Back to top button