बजट में क्लाउड और डेटा सेंटर कंपनियों को टैक्स छूट, विदेशी कंपनियों के लिए तय की गईं चार शर्तें

नई दिल्ली: केंद्रीय बजट में डेटा और क्लाउड सेंटर कंपनियों को कर छूट (टैक्स हॉलिडे) देने की घोषणा के बाद वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विदेशी कंपनियों को इस छूट का लाभ लेने के लिए चार अनिवार्य शर्तें पूरी करनी होंगी।सूत्रों के अनुसार, यह कर छूट वर्ष 2026-27 से 2046-47 तक उन विदेशी कंपनियों को उपलब्ध होगी, जो भारत सहित वैश्विक स्तर पर क्लाउड सेवाएं प्रदान करती हैं।
छूट के लिए प्रमुख शर्तें:
संबंधित विदेशी कंपनी का सरकार द्वारा अधिसूचित होना जरूरी होगा।
जिस डेटा सेंटर से सेवाएं ली जाएं, वह भारतीय कंपनी का होना चाहिए।
डेटा सेंटर का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अधिसूचित होना आवश्यक होगा।
विदेशी कंपनी को भारतीय उपयोगकर्ताओं को सेवाएं भारतीय पुनर्विक्रेता (रिसेलर) इकाई के माध्यम से उपलब्ध करानी होंगी।
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस व्यवस्था से विदेशी क्लाउड कंपनियों को यह भरोसा मिलेगा कि भारत में डेटा सेंटर का उपयोग करने पर उनकी वैश्विक आय पर भारत में कर नहीं लगाया जाएगा।
हालांकि, घरेलू गतिविधियों से होने वाली आय, जैसे भारतीय डेटा सेंटर द्वारा वैश्विक इकाई को सेवाएं देना या भारतीय पुनर्विक्रेता द्वारा ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं उपलब्ध कराना, अन्य घरेलू कंपनियों की तरह कर के दायरे में रहेगा।
इसके अलावा, यदि भारतीय डेटा सेंटर किसी विदेशी कंपनी की संबद्ध इकाई के रूप में कार्य करता है, तो 15 प्रतिशत का सुरक्षित कर मार्जिन तय किया गया है।
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से देश में डेटा सेंटर बुनियादी ढांचे का विकास होगा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।













