ओएलएस सर्वे का इंतजार 80 सीटर भरेगा उड़ान

सिंगरौलिया हवाई पट्टी का होगा विस्तार, कलेक्टर का प्रयास लगातार जारी
पोल खोल सिंगरौली
जिला मुख्यालय बैढ़न के समीपी सिंगरौलिया हवाई पट्टी जल्द ही हवाई अड्डा का रूप लेगा। कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला का सिंगरौलिया हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विस्तार किये जाने के प्रयास लगातार जारी है। जहां ओएलएस सर्वेक्षण के लिए 89 लाख रूपये की स्वीकृति भी म.प्र. शासन विमानन विभाग से मिल भी गई है। अब ओएलएस सर्वेक्षण का इंतजार है।
गौरतलब है कि सिंगरौलिया हवाई पट्टी में अभी तक 6 सीटर हवाई जहाज आ रही थी। जहां सिंगरौलिया हवाई पट्टी के विस्तार को लेकर पिछले एक साल से मांग की जा रही थी। जिले में औद्योगिक एवं बिजली कंपनियों क बहुतायत संख्या को देख सांसद-विधायक भी हवाई पट्टी के विस्तार के लिए मांग शुरू कर दिये थे।
वहीं कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला भी इस बात के लिए प्रयासरत हैं कि उक्त हवाई पट्टी को एयरपोर्ट का दर्जा मिले। साथ ही यहां से 80 सीटर प्लेन उड़ान भरे। इस संबंध में कलेक्टर सिंगरौली के अथक प्रयासो से सिंगरौलिया हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विस्तार किए जाने के लिए एयरपोर्ट अथॉरटी ऑफ इंडिया दिल्ली के पत्र 31 जनवरी 2025 से व्यवहार्यता अध्ययन और ओएलएस सर्वेक्षण के लिए कुल राशि रूपयें 89 लाख 1566 रूपयें की माग की गई थी।
कलेक्टर के लगातार प्रयासो से म.प्र. शासन विमान विभाग के द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। तथा आयुक्त विमानन संचालनालय मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा बीते दिन कल 9 सितम्बर को कार्यपालन निर्देशक एयरपोर्ट अथारटी ऑफ इंडिया नई दिल्ली को भारतीय विमानन प्राधिकरण के अधिकारियों का एक बहुसंवर्गीय दल से व्यवहार्यता अध्ययन और बुनियादी ओएलएस सर्वेक्षण कराये जाने का अनुरोध किया गया है।
जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट के रूप में सिंगरौलिया हवाई पट्टी को विकसित किए जाने के लिए अति शीघ्र कार्यवाही प्रारंभ हो जायेगी। एवं 80 सीटर विमान भी सिंगरौली से उड़ान भर सकेगे।
सिंगरौली से वाराणसी, नई दिल्ली एवं भोपाल भरेगा उड़ान
जानकारी के अनुसार सिंगरौलिया हवाई पट्टी का हवाई अड्डा के रूप में विस्तार किये जाने की हरी झण्डी मिलने के बाद वाराणसी, नई दिल्ली एवं भोपाल के लिए 80 सीटर हवाई जहाज उड़ान भरेगा।
ओएलएस सर्वेक्षण के बाद निर्णय लिया जाएगा कि यहां से हवाई जहाज पहले कहां के लिए उड़ेगा, यह सब कुछ यात्रियों के संख्या के बाद ही निर्णय लिये जाने की संभावना है।
कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला जहां इस बात की पुष्टि कर रहे हैं, वहीं इनका मक्सद है कि अपने कार्यकाल के दौरान को नई-नई उपलब्धियों से जोड़ दिया जाये। साथ ही सिंगरौली के विकास कार्यो के उड़ान को गति मिले। चर्चा है कि जितना ही जल्दी सर्वेक्षण होगा, उसके बाद हवाई अड्डा का तमंगा मिलने के बाद संभावना है कि दिपावली पर ऊर्जाधानी वासियों के लिए नया उपहार उड़ान के रूप में मिल सकता है।













