कैबिनेट के बड़े फैसले: अटल पेंशन योजना 2030-31 तक बढ़ी, सिडबी में 5,000 करोड़ की इक्विटी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा और रोजगार सृजन को मजबूती देने की दिशा में दो अहम फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अटल पेंशन योजना (एपीवाई) को वित्त वर्ष 2030-31 तक विस्तार देने और एमएसएमई सेक्टर को गति देने के लिए भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) में 5,000 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी डालने को मंजूरी दी गई।
सरकार के इन निर्णयों से करीब 1.12 करोड़ नए रोजगार सृजित होने और 25 लाख से अधिक नए उद्यमियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
अटल पेंशन योजना को राहत भरा विस्तार
कैबिनेट ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए चलाई जा रही अटल पेंशन योजना को 2030-31 तक जारी रखने का फैसला किया है। इसके तहत योजना के प्रचार-प्रसार, विकासात्मक गतिविधियों और गैप फंडिंग के लिए वित्तीय सहायता भी दी जाएगी, जिससे अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को पेंशन सुरक्षा मिल सके।
एमएसएमई के लिए सिडबी को ‘बूस्टर डोज’
लघु एवं मध्यम उद्योगों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने और निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से सिडबी में 5,000 करोड़ रुपये की इक्विटी सहायता दी जाएगी। यह राशि वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) की ओर से तीन किस्तों में जारी की जाएगी, जिससे एमएसएमई को विस्तार और रोजगार सृजन में मदद मिलेगी।
बुधवार को लिए गए ये फैसले सरकार के सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक विकास के दोहरे फोकस को दर्शाते हैं। एक ओर अटल पेंशन योजना कमजोर वर्ग के लिए सुरक्षा कवच बनेगी, वहीं सिडबी में पूंजी प्रवाह बढ़ने से छोटे उद्योगों को मजबूती मिलेगी और देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।













