इंडिया एनर्जी वीक 2026 का शुभारंभ, पीएम मोदी बोले—भारत ऊर्जा निवेश का सबसे बड़ा अवसर

नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से ‘इंडिया एनर्जी वीक 2026’ के चौथे संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत को ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के लिए दुनिया का सबसे बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि देश अब ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ पर सवार है और तेज़ी से संरचनात्मक सुधारों को लागू कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में लगभग 500 अरब डॉलर के निवेश की संभावनाएं मौजूद हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया के टॉप-5 पेट्रोलियम उत्पाद निर्यातकों में शामिल है और 150 से अधिक देशों को पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की यह क्षमता वैश्विक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘इंडिया एनर्जी वीक’ बहुत कम समय में संवाद और कार्रवाई का एक वैश्विक मंच बन चुका है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है, ऐसे में ऊर्जा उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, जो निवेशकों के लिए बड़े अवसर लेकर आ रही है। गोवा में आयोजित इस आयोजन में करीब 125 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।
पीएम मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते, भारत-ब्रिटेन और ईएफटीए के साथ हुए व्यापार समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये समझौते वैश्विक जीडीपी के लगभग 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के करीब एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। इससे न केवल व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत होंगी, बल्कि भारत में निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार भारत के अन्वेषण क्षेत्र को 10 लाख वर्ग किलोमीटर तक विस्तारित करने की दिशा में काम कर रही है। पिछले इंडिया एनर्जी वीक से मिले सुझावों के आधार पर कानूनों और नियमों में सुधार किए गए हैं, जिससे निवेशकों की लाभप्रदता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत रिफाइनिंग क्षमता में दुनिया में दूसरे स्थान पर है और जल्द ही पहले स्थान पर पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
एलएनजी परिवहन, जहाज निर्माण, पाइपलाइन नेटवर्क और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन को निवेश के लिए अत्यंत आकर्षक बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एलएनजी परिवहन के लिए विशेष जहाजों के निर्माण पर काम चल रहा है। हाल ही में जहाज निर्माण के लिए 70 हजार करोड़ रुपये का कार्यक्रम शुरू किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अब केवल ऊर्जा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता के मिशन पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने वैश्विक निवेशकों से आह्वान किया—
“मेक इन इंडिया, इनोवेट इन इंडिया, स्केल विद इंडिया और इन्वेस्ट इन इंडिया।”
तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में 120 से अधिक देशों से 75 हजार से ज्यादा ऊर्जा विशेषज्ञों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, निवेश आकर्षित करना और डीकार्बनाइजेशन के प्रभावी समाधान तलाशना है।













