मध्य प्रदेशसिंगरौली

एनटीपीसी विंध्याचल ने आरसीआर मोड से 100वीं पोंड ऐश रेक किया रवाना

सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्याचल ने सतत विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए रेल-कम-रोड मोड के माध्यम से पोंड ऐश की 100वीं रेक सफलतापूर्वक प्रेषित की। यह ऐश एनएचएआई (वाराणसी प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट – रांची-वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे परियोजना) के लिए भेजी गई है। इस पहल का शुभारंभ 17 फरवरी 2026 को परियोजना प्रमुख(विंध्याचल) संजीब कुमार साहा द्वारा किया गया।

 

इस अवसर पर महाप्रबंधक(प्रचालन एवं अनुरक्षण) ए.जे. राजकुमार, महाप्रबंधक(मेंटेनेंस एवं एडीएम) एम. सुरेश, अपर महाप्रबंधक(मानव संसाधन) श्रीमती मृणालिनी सहित ईएमडी, एयूडी, एमजीआर और एचआर विभागों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। उपलब्धि के उपलक्ष्य में संक्षिप्त पूजा-अर्चना भी की गई।यह महत्वपूर्ण उपलब्धि एनटीपीसी विंध्याचल की सतत ऐश उपयोग और पर्यावरण-अनुकूल लॉजिस्टिक्स में अग्रणी भूमिका को पुन: स्थापित करती है। आरसीआर मॉडल के तहत लंबी दूरी के परिवहन में रेल का अधिकतम उपयोग तथा सड़क पर निर्भरता में कमी से ईंधन की बचत, यातायात दबाव में कमी और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी सुनिश्चित होती है।

एंड-टू-एंड आधार पर पोंड ऐश की आपूर्ति राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना कार्यों में की जा रही है, जो देश में सड़क विकास को गति देने के साथ-साथ सर्कुलर इकोनॉमी के सिद्धांतों को भी सशक्त करती है। 100 रेक के सफल प्रेषण के साथ एनटीपीसी विंध्याचल ने सतत संचालन में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जो भारत सरकार के हरित विकास और तीव्र अवसंरचना निर्माण के विज़न के अनुरूप है।

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