चित्रांश पब्लिक स्कूल धबई के बच्चों को स्कूल प्रबंधक द्वारा ले आने जाने के लिए एक कबाड़ बॉलरों को स्कूल वाहन के रूप में किया जा रहा है


चित्रांश पब्लिक स्कूल धबई के बच्चों को स्कूल प्रबंधक द्वारा ले आने जाने के लिए एक कबाड़ बॉलरों को स्कूल वाहन के रूप में किया जा रहा है

यहां तो बोलेरा को कबाड़ का दर्जा दिया गया ऑटो को कौन सा दर्जा मिलेगा।
बच्चों
को बैठाकर वाहन धवई से पराई की ओर जा रही थी। औचक रूप से उस बॉलरों को sdm चितरंगी एवं राजस्व टीम के द्वारा रोकबाया गया।
देखा कि उस कबाड़ बॉलरों में 23 बच्चों को ठूस ठूस कर भरा गया था ।
मौके स्थल पर ही स्कूल प्रबंधक को फोन लगाकर फटकार लगाई गई । एवं दूसरी वाहन मंगाया गया । Brcc एवं BEO को स्कूल की जांच के लिए बोल गया ।
दो दिवस के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए आदेशित किया गया।
बच्चों को बॉलरों से नीचे उतार कर sdm

एवं तहसीलदार चितरंगी द्वारा टॉफी वितरित किया गया। फिर दूसरी वाहन में बैठा कर रवाना किया गया।
यह तो धबई की बात थी जबकि चितरंगी प्रायवेट स्कूल के बच्चों को उपखण्ड एवं तहसील कार्यालय के सामने से इसी स्थिति में बच्चों को लेकर आना जाना होता है इस पर कोई ध्यान देने वाला नहीं है कभी भी बड़ी अनहोनी होने की संभावना जताई जाती है जिस पर नही स्कूल प्रबंधन और नही कोई अधिकारी कर्मचारी ध्यान देते हैं।
श्री मान सिंह चंदेल विशेष रिपोर्टर सिंगरौली













