151 किमी ‘सनातनी संकल्प यात्रा’ का 19 मार्च से शंखनाद युवाओं को सनातन से जोड़ने की अनूठी पहल


लोकेशन सिंगरौली / चितरंगी ….
151 किमी ‘सनातनी संकल्प यात्रा’ का 19 मार्च से शंखनाद युवाओं को सनातन से जोड़ने की अनूठी पहल

भक्ति, शक्ति और आस्था का संगम बनेगी 8 दिवसीय पदयात्रा, 27 मार्च को वर्देश्वरी मंदिर में भव्य समापन व महाप्रसाद

यात्रा को लेकर आयोजकों ने पत्रकारों से की चर्चा,युवाओं से जुड़ने का दिया संदेश
सनातन परंपराओं को सशक्त बनाने और युवा पीढ़ी को धर्म के मूल मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से “सनातनी संकल्प यात्रा” का आयोजन किया जा रहा है। 19 मार्च 2026 से प्रारंभ होने वाली यह भव्य पदयात्रा 26 मार्च तक चलेगी, जबकि 27 मार्च को इसका भव्य समापन किया जाएगा।
यात्रा को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजक दिग्विजय प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह यात्रा भक्ति, शक्ति और आस्था का संगम होगी, जिसका उद्देश्य युवाओं में सनातन धर्म के प्रति जागरूकता और गौरव की भावना को जागृत करना है।
बर्दी संगम स्नान के बाद से हुआ शुभारंभ

यात्रा का शुभारंभ पावन संगम स्थल से होगा, जहां सोनभद्र और गोपद नदी के संगम पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर यात्रा का श्रीगणेश करेंगे। यह स्थल वर्दी चंदेल राजा की रियासत के समीप स्थित है और क्षेत्र में विशेष धार्मिक महत्व रखता है।
151 किमी की पदयात्रा: शक्ति और भक्ति का संगम

संगम स्नान के पश्चात ग्राम पड़री में दुबे परिवार द्वारा स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन किए जाएंगे। इसके बाद भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर 151 किलोमीटर लंबी पदयात्रा प्रारंभ होगी।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोनभद्र नदी के तटों से गुजरते हुए भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे।
भजन-कीर्तन से गूंजेगा पूरा मार्ग
पूरी यात्रा के दौरान निरंतर भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। धर्मप्रेमियों की सहभागिता से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा और युवाओं में धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
वर्देश्वरी मंदिर में होगा भव्य समापन
27 मार्च 2026 को यात्रा का समापन वर्दी गढ़ी स्थित वर्देश्वरी मंदिर में किया जाएगा। इस अवसर पर विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
युवाओं में जागेगा सनातन गौरव
प्रेस वार्ता में दिग्विजय प्रताप सिंह ने बताया कि इस यात्रा का मूल उद्देश्य युवाओं को सनातन संस्कृति से जोड़ना, लुप्त होती परंपराओं को पुनर्जीवित करना और समाज में एकता का संदेश देना है।
श्री मान सिंह चंदेल स्पेशल संवाददाता सिंगरौली सीधी













