मजदूरों के हंगामे के बाद श्रम निरीक्षक नवनीत पांडे को कारण बताओ नोटिस

सिंगरौली। जिले में श्रमिकों से जुड़े गंभीर मामलों और हालिया हंगामे के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर गौरव बैनल ने श्रम निरीक्षक नवनीत पांडे को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जारी नोटिस में कहा गया है कि जिले में संचालित औद्योगिक इकाइयों, पावर प्लांट और कोयला खदानों में श्रमिकों से जुड़े कई गंभीर मुद्दे सामने आते रहे हैं, लेकिन संबंधित अधिकारी द्वारा इन पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और न ही प्रशासन को अवगत कराया गया।
उल्लेखनीय है कि 14 मार्च 2026 को बंधौरा स्थित महान एनर्जेन प्राइवेट लिमिटेड में मजदूरों ने वेतन और कार्य अवधि को लेकर हंगामा व तोड़फोड़ की थी, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई थी। मौके पर प्रशासन, पुलिस और अन्य अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि वहां कार्यरत करीब 12 हजार मजदूरों को नियमानुसार वेतन समय पर नहीं मिल रहा था। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें हर महीने की 7 तारीख के बजाय 15 तारीख तक भुगतान किया जाता है, साथ ही 8 घंटे के बजाय 10 से 12 घंटे तक कार्य कराया जाता है।
कलेक्टर ने इसे अत्यंत गंभीर मानते हुए कहा कि यदि समय-समय पर निरीक्षण कर श्रमिकों की समस्याओं का समाधान किया जाता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। प्रथम दृष्टया श्रम निरीक्षक की घोर लापरवाही सामने आई है।
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि सहायक श्रमायुक्त की पदस्थापना होने के बावजूद उनके आईडी से कार्य आवंटित किए जा रहे हैं, जो प्रशासनिक अनियमितता को दर्शाता है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत कदाचार, कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। यदि संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, तो म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में हलचल मच गई है और प्रशासन ने साफ कर दिया है कि श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।













