कश्मीर से उठी इंसानियत की मिसाल: ईरान के लिए उमड़ा मदद का सैलाब

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में ईरान में चल रहे युद्ध से प्रभावित लोगों के समर्थन में इंसानियत की अनूठी तस्वीर देखने को मिल रही है। लगातार दूसरे दिन कश्मीर के कई इलाकों में लोगों ने बढ़-चढ़कर नकदी, सोना-चांदी के आभूषण, तांबे के बर्तन और अन्य कीमती सामान दान कर एकजुटता और मानवीय संवेदना का परिचय दिया।
सोमवार को श्रीनगर के जदीबल, हसनाबाद, शालीमार, कमरवारी, लावेपोरा और बेमिना क्षेत्रों में लगाए गए दान शिविरों में भारी भीड़ उमड़ी। इसके अलावा बडगाम, बांदीपोरा और बारामूला जिलों में भी इसी तरह के अभियान चलाए गए। खास बात यह रही कि इस पहल में शिया और सुन्नी दोनों समुदायों के लोगों ने मिलकर हिस्सा लिया और भाईचारे की मिसाल पेश की।
दान के रूप में लोगों ने नकदी, सोने-चांदी के गहने और घरेलू उपयोग की वस्तुएं दीं। महिलाओं ने विशेष उदारता दिखाते हुए अपने कीमती आभूषण तक दान कर दिए। एक भावुक उदाहरण में एक महिला ने अपने दिवंगत पति की याद में संजोकर रखा सोना भी दान कर दिया। वहीं बच्चों ने भी अपनी बचत और जेब खर्च तक इस नेक काम के लिए समर्पित कर दिए।
ईरानी दूतावास ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ईरान की जनता के लिए बड़ा संबल बताया है। दूतावास ने कश्मीर के लोगों के सहयोग और भावनाओं के लिए आभार व्यक्त किया है। अधिकारियों के अनुसार, एकत्रित की गई सहायता अधिकृत माध्यमों से जरूरतमंदों तक पहुंचाई जाएगी।
स्थानीय नेताओं ने भी इस अभियान को शांति और सम्मान के साथ जारी रखने की अपील की है। उनका कहना है कि यह पहल केवल मदद नहीं, बल्कि इंसानियत, भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक है, जो मुश्किल समय में समाज को जोड़ने का काम करती है।













