एनसीएल बीना परियोजना में लोहे के पुल की जर्जर हालत, कई गांवों की आवाजाही प्रभावित — स्कूली बच्चों की जान जोखिम में

सिंगरौली।एनसीएल बीना परियोजना क्षेत्र में स्थित लोहे का पुल इन दिनों बेहद जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है, जिससे आसपास के कई गांवों की आवाजाही खतरे में पड़ गई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार चंदुआर, घरसड़ी, कोहरौल, मिश्रा एवं भैरवां गांव के लोगों का मुख्य संपर्क इसी पुल के माध्यम से बना हुआ है, लेकिन पुल की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि पुल के कई हिस्सों में लोहे की चादरें कमजोर हो चुकी हैं तथा जगह-जगह दरारें एवं कंपन महसूस किया जा रहा है। दोपहिया वाहनों के गुजरने पर पुल हिलने लगता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
सबसे अधिक चिंता का विषय यह है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे इसी पुल से होकर स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं। अभिभावकों में लगातार डर का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत या नया निर्माण नहीं कराया गया तो कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन एवं एनसीएल प्रबंधन से मांग की है कि पुल का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाए तथा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह पुल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि कई गांवों की जीवनरेखा है। इसके खराब होने से शिक्षा, स्वास्थ्य एवं दैनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।













