125 वर्षीय धनहा तालाब का कायाकल्प : अध्यक्ष प्रणव पाठक के अथक प्रयासों से शुरू हुआ जीर्णोद्धार कार्य

सिंगरौली। जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत ग्राम पंचायत धनहा में लगभग 125 वर्ष पुराने ऐतिहासिक तालाब के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य का विधिवत शुभारंभ शुक्रवार, 8 मई को हुआ। इस महत्वपूर्ण पहल का श्रेय क्षेत्रीय जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रणव पाठक ‘वीरू’ के लगातार प्रयासों को जाता है, जिन्होंने प्रशासनिक स्तर पर इस प्राचीन जल स्रोत के पुनर्जीवन के लिए लगातार आवाज उठाई।
तालाब के पुनर्जीवन की मांग वर्षों से स्थानीय ग्रामीण एवं सरपंच रावेंद्र द्विवेदी रामे द्वारा की जा रही थी। अध्यक्ष प्रणव पाठक ने इस परियोजना को कलेक्टर श्री गौरव बैनल के संज्ञान में लाया और इसके बाद ही धनहा तालाब का जीर्णोद्धार कार्य धरातल पर प्रारंभ हुआ। शुभारंभ समारोह में नारियल फोड़कर कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
स्थानीय ग्रामीणों ने इसे “ऐतिहासिक पहल” बताते हुए कहा कि यह केवल जलाशय का जीर्णोद्धार नहीं है, बल्कि गांव की पुरानी विरासत और सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। तालाब के सौंदर्यीकरण एवं गहरीकरण कार्य के पूरा होने से जल संरक्षण मजबूत होगा, किसानों को सिंचाई सुविधा, पशुपालकों को जल उपलब्धता तथा भू-जल स्तर में सुधार का लाभ मिलेगा।
अध्यक्ष प्रणव पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान 3.0 के तहत पुराने जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास केवल सड़कों और भवनों तक सीमित नहीं है, बल्कि जल, पर्यावरण और ग्रामीण विरासत को संरक्षित करना भी विकास का महत्वपूर्ण आधार है।
शुभारंभ समारोह में एसडीओ आरईएस अरूण कुमार द्विवेदी, ग्राम पंचायत धनहा सरपंच रावेंद्र द्विवेदी रामे, उपयंत्री सुमित वर्मा, विजय कुशवाहा, रामप्रसाद रजक, द्वारिका गौतम, अरविंद द्विवेदी, मनोज शुक्ला, प्रशांत शुक्ला, रवि प्रजापति, पत्रकार और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों का मानना है कि अध्यक्ष प्रणव पाठक के सक्रिय प्रयासों से देवसर क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिली है और लंबे समय से उपेक्षित जनहित के मुद्दे तेजी से समाधान की ओर बढ़ रहे हैं।













