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मिडिल ईस्ट में तनाव गहराया: ईरान-अमेरिका टकराव दूसरे महीने में, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ी चिंता

 

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव अब दूसरे महीने में पहुंच गया है। हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं, जहां एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान की ताकत कमजोर करने का दावा कर रहे हैं, वहीं ईरान की ओर से जवाबी हमले भी तेज हो गए हैं।

इस बीच रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ गई है। भारत में ईरानी दूतावास ने कहा है कि भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं और घबराने की आवश्यकता नहीं है। दूतावास ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट के भविष्य का निर्णय केवल ईरान और ओमान ही करेंगे।

उधर, तेहरान प्रशासन के अनुसार संघर्ष के चलते हजारों आवास प्रभावित हुए हैं। करीब 1,869 परिवारों को घरों में नुकसान का सामना करना पड़ा है, जबकि 1,245 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। 4,000 से अधिक घरों की मरम्मत का कार्य भी शुरू किया जा चुका है।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी चेतावनियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। प्रवक्ता ने कहा कि ईरान बार-बार युद्ध और संघर्ष के चक्र को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका और इजरायल के हमले जारी रहेंगे, तब तक ईरान भी जवाबी कार्रवाई करता रहेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ सकता है, जिसका सीधा प्रभाव भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

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