धिरौली के बच्चों ने लहराया सफलता का परचम: अदाणी फाउंडेशन की निःशुल्क कोचिंग से मिला बड़ा मुकाम
नवोदय, एकलव्य मॉडल एवं श्रमोदय आवासीय विद्यालय में सात स्थानीय बच्चों का चयन

सिंगरौली-धिरौली एवं सुलियरी कोयला खदान क्षेत्र के आसपास के गांवों में रहने वाले बच्चों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए प्रतिष्ठित शासकीय विद्यालयों में नामांकन के लिए चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। यह सफलता अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित निःशुल्क कोचिंग सेंटर के सतत प्रयासों का परिणाम है, जो स्थानीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर प्रदान कर रहा है।

अदाणी फाउंडेशन अपनी सहयोगी संस्था ‘डाइट फाउंडेशन’ के माध्यम से बच्चों को अनुभवी शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री एवं मॉक टेस्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है। इसी पहल का परिणाम है कि हाल ही में घोषित विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में सात बच्चों का चयन प्रतिष्ठित विद्यालयों में हुआ है। गोरा पंचायत के जत्थाटोला गांव की सविता ने नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए चयनित होकर विशेष उपलब्धि हासिल की है। सीमित संसाधनों और पारिवारिक चुनौतियों के बावजूद सविता ने कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर परीक्षा में 33वां स्थान प्राप्त किया। खेती और मजदूरी पर निर्भर परिवार से आने वाली सविता का सपना शिक्षिका बनकर समाज के अन्य बच्चों का भविष्य संवारना है। इस उपलब्धि पर अदाणी समूह के अधिकारियों ने सविता को सम्मानित कर उसका उत्साहवर्धन किया।
इसके अलावा, एकलव्य मॉडल स्कूल में प्रवेश के लिए तीन बच्चों—रीता सिंह (बासी बेरदहा), अनिल सिंह (गोरवानी) और अजीत सिंह (डोंगरी)—का चयन हुआ है। वहीं श्रमोदय आवासीय विद्यालय में रुक्मिणी कुशवाहा (खनुआ नवा), अमन कुमार (गोरवानी) और हरीश चन्द्र (खनुआ नवा) ने सफलता प्राप्त की है। इन सफलताओं से ग्रामीणों और अभिभावकों में खुशी और गर्व का माहौल है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अदाणी फाउंडेशन की यह पहल न केवल शिक्षा स्तर को बढ़ा रही है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का अवसर दे रही है।
उल्लेखनीय है कि सरई तहसील के धिरौली एवं सुलियरी खनन परियोजनाओं के आसपास के लगभग 14 गांवों के बच्चों के लिए यह निःशुल्क कोचिंग पहल चलाई जा रही है। इसके अंतर्गत बैंक, एसएससी, रेलवे, संविदा शिक्षक, पटवारी, पुलिस एवं वन विभाग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है, साथ ही कक्षा 5 के विद्यार्थियों को नवोदय एवं एकलव्य विद्यालयों की प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी प्रशिक्षित किया जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए यह पहल किसी वरदान से कम नहीं है। यह न केवल उनके सपनों को साकार करने में मदद कर रही है, बल्कि पूरे क्षेत्र के शैक्षणिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।













