लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों पर गिरी गाज औचक निरीक्षण में अनुपस्थित फार्मासिस्ट का वेतन कटा, बिना ड्रेस कोड मिलीं नर्सिंग ऑफिसर को कारण बताओ नोटिस’

सिंगरौली / शासकीय कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और बिना सूचना ड्यूटी से नदारद रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जिला प्रशासन बेहद सख्त रुख अपना रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड चितरंगी के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर्थुआ में पदस्थ फार्मासिस्ट अनुराग द्विवेदी को बिना स्वीकृत अवकाश के ड्यूटी से गायब रहने पर एक दिन का वेतन काटने की दंडात्मक कार्रवाई की गई है, वहीं इसी केंद्र की नर्सिंग ऑफिसर अंजली गुप्ता को निर्धारित ड्रेस कोड का उल्लंघन करने पर कारण बताओ नोटिस जारी गया है। इसके अलावा केंद्र की ही अन्य नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती प्रमिला सिंह और एएनएम उपस्वास्थ्य केंद्र घोघरा श्रीमती अनुभा मिश्रा को भी बिना सूचना के अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने और समय पर कार्यस्थल पर न मिलने के चलते कारण बताओ नोटिस जारी कर एक-एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की गई है।
यह पूरी कार्रवाई कलेक्टर श्री गौरव बैनल द्वारा गत 13 मई 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए कड़े निर्देशों के परिपालन में की गई है। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसी तारतम्य में जिला कार्यक्रम प्रबंधक सिंगरौली द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर्थुआ का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट श्री अनुराग द्विवेदी, नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती प्रमिला सिंह और एएनएम श्रीमती अनुभा मिश्रा बिना किसी पूर्व सूचना या स्वीकृत अवकाश के अपने कार्यस्थल से नदारद पाए गए, जिससे केंद्र की स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुईं। वहीं दूसरी ओर, ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती अंजली गुप्ता निर्धारित ड्रेस कोड में नहीं थीं।
उक्त कृत्य शासकीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना है, विशेषकर तब जब शासन द्वारा कर्मचारियों को बाकायदा पोशाक भत्ता भी प्रदान किया जाता है।मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.एस. बैस द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के तहत इन सभी संबंधित कर्मचारियों को कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देशित किया गया है कि वे पत्र प्राप्ति के 2 कार्य दिवसों के भीतर कार्यालय में अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाएगा कि संबंधित कर्मचारियों को इस संबंध में कोई आपत्ति नहीं है और उनके विरुद्ध एकपक्षीय कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्वयं कर्मचारी की होगी।













