एआई बना दोधारी तलवार: बढ़ते ऑनलाइन स्कैम के बीच गूगल की बड़ी कार्रवाई
2025 में 8.3 अरब विज्ञापन ब्लॉक, ‘जेमिनी’ ने 99% फर्जी कंटेंट पकड़ा; एआई बनाम एआई की जंग तेज

नई दिल्ली। डिजिटल दुनिया में तेजी से बढ़ रहे स्पैम और ऑनलाइन ठगी के मामलों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब दोधारी तलवार बन गया है। जहां एक ओर ठग एआई की मदद से फर्जी विज्ञापन और भ्रामक कंटेंट तैयार कर रहे हैं, वहीं Google इसी तकनीक का इस्तेमाल कर इन खतरों से मुकाबला कर रहा है।
कंपनी की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी जनरेटिव एआई तकनीक Gemini ने 99 प्रतिशत से अधिक नियमों का उल्लंघन करने वाले विज्ञापनों को यूजर्स तक पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया।
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वर्ष 2025 में गूगल ने 8.3 अरब से ज्यादा विज्ञापनों को ब्लॉक या हटाया, जिनमें 602 मिलियन स्कैम से जुड़े थे। इसके अलावा 40 लाख से अधिक संदिग्ध विज्ञापनदाता खातों को सस्पेंड किया गया।
गूगल की एआई प्रणाली अब केवल कंटेंट ही नहीं, बल्कि विज्ञापनदाताओं के व्यवहार, अकाउंट पैटर्न और अन्य संकेतों का विश्लेषण कर धोखाधड़ी की पहचान कर रही है। इससे गलत तरीके से अकाउंट सस्पेंड होने के मामलों में भी करीब 80 प्रतिशत की कमी आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अब “एआई बनाम एआई” की स्थिति बन चुकी है, जहां एक ओर स्कैमर्स नई तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, वहीं कंपनियां भी अपनी सुरक्षा प्रणाली को लगातार मजबूत कर रही हैं।
हालांकि, बढ़ती तकनीकी जटिलताओं के बीच यह चुनौती बनी हुई है कि भविष्य में एआई के दुरुपयोग को कैसे नियंत्रित किया जाए और यूजर्स को सुरक्षित रखा जाए।













