कलेक्टर की पहल से सिंगरौली में बनेगी आधुनिक मत्स्य हैचरी, 67.57 लाख की परियोजना से बढ़ेगा रोजगार

सिंगरौली-सिंगरौली जिले में मत्स्य पालन को नई दिशा देने के लिए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर गौरव बैनल के प्रयासों से जल संसाधन विभाग और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत सीएसआर मद से जिले में आधुनिक मत्स्य बीज उत्पादन इकाई (हैचरी) स्थापित की जाएगी।
यह हैचरी सिंगरौली स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के परिसर में बनाई जाएगी, जिसका संचालन मत्स्य विभाग द्वारा किया जाएगा। करीब 67.57 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना को एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
हैचरी इकाई में ब्रीडर तालाब, स्पानिंग पूल, नर्सरी तथा आधुनिक जल प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले मत्स्य बीज का उत्पादन किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर ही मछली बीज उपलब्ध होने लगेगा और मछुआरों को अन्य जिलों या राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
इस परियोजना के शुरू होने से जिले में मत्स्य उत्पादन और उसकी गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही परिवहन लागत में कमी आएगी, जिससे छोटे किसानों और मत्स्य पालकों को कम कीमत पर बीज उपलब्ध हो सकेगा। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
जानकारी के अनुसार, इस योजना से जिले के लगभग 30 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की संभावना है। यह पहल रोजगार के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
एमओयू हस्ताक्षर के दौरान जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री संकट मोचन तिवारी, एनसीएल के महाप्रबंधक (सीएसआर) राजीव रंजन और सीएसआर प्रबंधक मोहम्मद साजिद नसीम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।जिला प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना सिंगरौली में “नीली क्रांति” को गति देने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा और स्वरोजगार के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी।













