एपीएमडीसी नीलकंठ परियोजना में श्रमिकों का धरना, मारपीट के आरोप से बढ़ा तनाव, कांग्रेस उतरी समर्थन में

सिंगरौली: जिले की एपीएमडीसी नीलकंठ परियोजना में श्रमिकों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। जियो पेमेंट सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में श्रमिक शनिवार दोपहर के बाद से काम बंद कर धरने पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगों का उचित समाधान नहीं होगा, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। इस बड़े आंदोलन के कारण परियोजना क्षेत्र में कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
अदानी समूह के कथित प्रतिनिधि पर मारपीट का आरोप
धरना प्रदर्शन के दौरान उस समय तनाव और बढ़ गया, जब अदानी समूह के कथित प्रतिनिधि रामविशाल दुबे पर एक श्रमिक के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा। इस घटना की खबर मिलते ही साथी कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया। श्रमिकों ने आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मजदूरों का आरोप है कि उनकी जायज समस्याओं को प्रबंधन द्वारा लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
कांग्रेस ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
श्रमिकों के इस धरने के बीच कांग्रेस पार्टी भी उनके समर्थन में खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन और कंपनी को चेतावनी दी है कि यदि मजदूरों की मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो पार्टी उनके हक में एक बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। कांग्रेस के इस दखल से परियोजना क्षेत्र का राजनीतिक और सामाजिक माहौल भी गरमा गया है।
अधिकारियों से बातचीत जारी, पुलिस बल तैनात
इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए एडिशनल एसपी ने बताया कि मजदूर मुख्य रूप से वेतन संबंधी मांगों को लेकर आक्रोशित हैं और एक स्थान पर एकत्रित होकर अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्थिति को देखते हुए कंपनी के अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके हैं और दोनों पक्षों (श्रमिकों और प्रबंधन) के बीच बातचीत जारी है। प्रशासन के अनुसार, फिलहाल आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है, लेकिन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एहतियात के तौर पर मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।













