उतर प्रदेशब्रेकिंग न्यूज़

बिच्छी नदी पर बालू माफियाओं का कब्जा : सफेदपोशों के संरक्षण में जारी अवैध खनन का खेल

बीजपुर- बीजपुर क्षेत्र की जीवनदायिनी मानी जाने वाली बिच्छी नदी इन दिनों अवैध बालू खनन माफियाओं के निशाने पर है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब नदी का सीना केवल रात के अंधेरे में ही नहीं, बल्कि दिनदहाड़े भी बेखौफ तरीके से चीरकर बालू निकाला जा रहा है। क्षेत्र में चल रहे इस खुले खेल ने खनन विभाग, स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों की मानें तो अवैध बालू कारोबार में कुछ स्थानीय ग्राम प्रधानों एवं सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों की संलिप्तता भी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि बिच्छी नदी से सेवकाडाँड, पिपरहर और जरहा क्षेत्र तक बालू परिवहन के लिए बाकायदा अवैध रास्ते तैयार किए गए हैं, ताकि ट्रैक्टर आसानी से नदी से मुख्य मार्ग तक पहुँच सकें। पिंडारी-ठेकुआ रोड से लेकर सेवका मोड़ और बूड़ा मार्ग तक बालू लदे ट्रैक्टरों की आवाजाही खुलेआम देखी जा सकती है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे खेल में एक स्थानीय ग्राम प्रधान के चार ट्रैक्टर सीधे तौर पर शामिल हैं। कुछ ट्रैक्टर दिन में नदी से बालू ढोते देखे जाते हैं, जबकि कई वाहन पूरी रात खनन और परिवहन में लगे रहते हैं। स्थिति यह है कि ठेकुआ रोड पर खुलेआम दौड़ते बालू लदे ट्रैक्टर प्रशासनिक उदासीनता की कहानी बयां कर रहे हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि लगातार हो रहे अवैध खनन से नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में बिच्छी नदी केवल नक्शों तक सीमित होकर रह जाएगी। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभाग केवल खानापूर्ति कर रहे हैं।

हालांकि ग्रामीणों की सूचना पर रेंजर सुधीर कुमार सिंह ने टीम भेजकर मौके का मुआयना कराया, लेकिन सूचना पहले ही लीक हो जाने के कारण खनन में लगे ट्रैक्टर मौके से फरार हो गए। इससे यह आशंका और गहरा गई है कि अवैध खनन के इस नेटवर्क को अंदरखाने से संरक्षण प्राप्त है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन सफेदपोश खनन माफियाओं पर कार्रवाई कर बिच्छी नदी को बचा पाएगा, या फिर नदी का अस्तित्व यूँ ही अवैध खनन की भेंट चढ़ता रहेगा।।

Author

Related Articles

Back to top button