मध्य प्रदेशसिंगरौली

उच्च शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: डॉ. एमयू सिद्धीकी का अभ्यावेदन खारिज

प्रशासनिक आधार पर बैढ़न से बहोरीबंद स्थानांतरण बरकरार

सिंगरौली। मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने डॉ. एमयू सिद्धीकी, प्राध्यापक शासकीय राजनारायण स्मृति महाविद्यालय बैढ़न द्वारा प्रस्तुत स्थानांतरण अभ्यावेदन को खारिज कर दिया है। यह आदेश अवर सचिव वीरन सिंह भलावी द्वारा राज्यपाल के नाम से जारी किया गया।

जारी आदेश के अनुसार, डॉ. सिद्धीकी का पूर्व में प्रशासनिक आधार पर बहोरीबंद, जिला कटनी स्थानांतरण यथावत रखा गया है। इसके खिलाफ डॉ. सिद्धीकी ने उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका दायर की थी। न्यायालय ने 31 अक्टूबर 2023 को दिए अपने आदेश में विभाग को तीन सप्ताह के भीतर अभ्यावेदन पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे।

डॉ. सिद्धीकी ने अभ्यावेदन में कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी होने, वृद्ध माता-पिता की देखभाल, शोधार्थियों के मार्गदर्शन और महाविद्यालय में शिक्षकों की कमी जैसे कारण प्रस्तुत किए थे। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण नीति के तहत पदाधिकारियों को मिलने वाली छूट की अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी है, जिससे उनका दावा मान्य नहीं पाया गया।

विभागीय आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि शेष प्रस्तुत तर्क नीति के अंतर्गत नहीं आते। ऐसे में अभ्यावेदन को निरस्त करते हुए स्थानांतरण आदेश को प्रभावी बनाए रखा गया। इस फैसले के बाद महाविद्यालय में शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

30 अप्रैल को आया आदेश, अब तक भारमुक्त नहीं

सूत्रों के अनुसार, अवर सचिव उच्च शिक्षा भोपाल ने 30 अप्रैल 2026 को आदेश जारी कर डॉ. सिद्धीकी को अवगत कराया था। हालांकि, यह आदेश डिग्री कॉलेज बैढ़न की फाइलों में दब गया। माना जा रहा है कि प्राचार्य द्वारा सिंगरौली से मोहभंग और सामग्रियों की खरीद जैसे कई संदिग्ध मामलों के कारण उन्हें अब तक पूर्ण रूप से भारमुक्त नहीं किया गया है।

इस मामले को लेकर महाविद्यालय में चर्चा और विवाद जारी है, जिससे प्रशासनिक गतिविधियों पर भी सवाल उठ रहे हैं।

Author

Related Articles

Back to top button