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शीर्ष नेतृत्व की बढ़ाई चिंता कांग्रेस पार्टी के ब्राहृाण नेताओं ने

ब्राहृाण वर्ग के कई दिग्गज नेताओं ने पार्टी से बनाई दूरी
पोल खोल सिंगरौली
कांग्रेस पार्टी के संगठन में फेरबदल के बाद पार्टी की स्थिति दिनों दिन डगमगाती दिखाई देने लगी है। जिले के कई ब्राहृाण नेता पार्टी से दूरी बनाने लगे हैं और अब कांग्रेस के ब्राहृाण नेताओं के चिंतन शिविर में शामिल होकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का टेंशन बढ़ा दिया है।
गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पिछले माह जिलाध्यक्षो का चयन किया था। जिसमें शहर सहित ग्रामीण के कई कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने जिलाध्यक्ष पद के लिए दावेदारी किया था। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश हाई कमान ने जाति समीकरण को नजर अंदाज कर सिंगरौली शहर में प्रवीण सिंह चौहान को जिलाध्यक्ष बना दिया। जबकि प्रबुद्धजन मानते हैं कि सिंगरौली शहर में ब्राहृाण मतदाताओं की संख्या अन्य वर्गो से ज्यादा है।
इसके बावजूद ब्राहृाण नेताओं को तबज्जो नही मिली। वहीं सिंगरौली ग्रामीण में पूर्व विधायक सरस्वती सिंह को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। यहां भी कांग्रेस के कई ब्राहृाण नेता दावेदारी किये थे। उनका तर्क है कि विधानसभा देवसर-चितरंगी आरक्षित है। संगठन में यही पद है जिसे अनारक्षित व पिछड़ा वर्ग को पद से नवाजा जा सकता है।
परंतु ग्रामीण सिंगरौली में ऐसा नही हुआ। इसी बात को लेकर कांग्रेस पार्टी से जुड़े कई ब्राहृाण नेता नाराज हैं और कांग्रेस ब्राहृाण नेताओं के चिंतन शिविर में शामिल होकर पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलने लामबंद हो रहे हैं।













