महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, आय से अधिक संपत्ति की जांच

इंदौर। मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के इंदौर स्थित ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में आय से अधिक संपत्ति के संकेत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर यह कार्रवाई की गई।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, गोपनीय शिकायत और सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि अधिकारी की ज्ञात आय की तुलना में उनकी संपत्तियां काफी अधिक हैं। इसके बाद तीन अलग-अलग टीमों का गठन कर इंदौर के स्कीम नंबर-103 स्थित आवास, जिम, सुपर स्टोर तथा अन्य परिसरों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वर्ष 1996 से सेवा में कार्यरत अधिकारी की अनुमानित कुल वैध आय करीब 2.80 करोड़ रुपये है, जबकि अब तक लगभग 9.76 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों का पता चला है। यह राशि उनकी आय की तुलना में करीब 241 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।
लोकायुक्त के अनुसार, आरोपी के नाम पर इंदौर और धार जिले में कई कृषि भूमि, भूखंड तथा व्यावसायिक संपत्तियां दर्ज हैं। स्कीम नंबर-103 में स्थित एक बहुमंजिला भवन, स्कीम नंबर-140 में भूखंड तथा धार जिले के तारपुरा, बेकल्या और बनेडिया क्षेत्रों में कृषि भूमि और अन्य संपत्तियां जांच के दायरे में हैं।
तलाशी के दौरान बैंक ऑफ इंडिया की सराफा बाजार शाखा में एक बैंक लॉकर की जानकारी भी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है। लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि दस्तावेजों, निवेश और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड का परीक्षण जारी है तथा जांच पूरी होने के बाद संपत्ति का वास्तविक मूल्य और बढ़ सकता है।
लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








