कलेक्टर की अध्यक्षता में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित
15 जून से शत-प्रतिशत नामांकन और योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन हेतु दिए कड़े निर्देश

सिंगरौली, / जिले में आगामी 15 जून से स्कूलों के पुनः संचालन और नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में आज कलेक्टरेट सभागार में कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में स्कूल शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, बुनियादी ढांचे और शासकीय योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर ने कड़े तेवर दिखाए और अधिकारियों को स्पष्ट समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 15 जून से शुरू हो रहे स्कूल संचालन के साथ ही पहली कक्षा में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार नौनिहालों का शत-प्रतिशत नामांकन कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि शिक्षक और शिक्षा विभाग का अमला ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर बच्चों को चिह्नित करे, ताकि कोई भी बच्चा प्रवेश से वंचित न रहे। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना शिक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि जिले का हर बच्चा स्कूल पहुंचे। इस पूरी प्रक्रिया की लगातार मॉनीटरिंग की जाए और आगामी एक सप्ताह में की गई प्रगति का पालन प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाए।
दस्तावेजों और तकनीकी कमियों के कारण बच्चों के दाखिले या योजनाओं में बाधा न आए, इसके लिए कलेक्टर ने एक विशेष रणनीति के तहत काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों की अभी तक समग्र आईडी नहीं बनी है, उनकी सूची तत्काल तैयार की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव और रोजगार सहायक के साथ समन्वय स्थापित किया जाए तथा नगरीय क्षेत्रों में वार्ड प्रभारियों की मदद लेकर प्राथमिकता के आधार पर बच्चों की समग्र आईडी बनाई जाए। इसके साथ ही, बच्चों के नामांकन की जानकारी को संबंधित शिक्षा पोर्टल पर तुरंत अपलोड करने तथा केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार शत-प्रतिशत बच्चों की ‘अपार आईडी’ तैयार करने के भी निर्देश दिए गए।
छात्रों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि स्कूलों में पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राओं को सत्र के प्रारंभ में ही पाठ्य पुस्तकें मिल जानी चाहिए, जिसका ब्लॉक स्तर पर भौतिक सत्यापन भी कराया जाए। सायकल वितरण योजना के अंतर्गत उन्होंने कक्षा 6वीं और 9वीं में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को नियमानुसार सायकल का वितरण समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि कोई भी पात्र छात्रा इस योजना से वंचित नहीं रहनी चाहिए, साथ ही ऐसे छात्र-छात्राएं जिनके आवेदन तकनीकी कारणों से पूर्व में निरस्त कर दिए गए थे, उनके प्रकरणों का पुनः परीक्षण कर पात्रता के अनुसार उन्हें सायकल उपलब्ध कराई जाए।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि निर्धारित सीटों पर शत-प्रतिशत निर्धन का नामांकन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि इस योजना का वास्तविक लाभ अंतिम छोर के बच्चे तक पहुंच सके। इसके अलावा, उन्होंने आगामी 16 जून से आयोजित होने वाली कक्षा 5वीं और कक्षा 8वीं की पुनः परीक्षा की तैयारियों की भी समीक्षा की और परीक्षा केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए ताकि छात्रों को कोई परेशानी न हो। साथ ही जिले के सभी शासकीय छात्रावासों में भी शत-प्रतिशत सीटों पर दाखिला प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा गया।
स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए कलेक्टर श्री ने साफ शब्दों में कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी जीर्ण-शीर्ण या जर्जर विद्यालय भवनों का तत्काल भौतिक सत्यापन कर सर्वे रिपोर्ट एक सप्ताह में प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी जीर्ण-शीर्ण भवन में स्कूल की कक्षाएं संचालित नहीं की जाएंगी और अधिकारी इस पर विशेष निगरानी रखें। इसके साथ ही, हाल ही में निर्मित किए गए नवीन बालिका शौचालयों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट भी तलब की गई है।
सिंगरौली जिले के छात्रों को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने के लिए कलेक्टर ने उत्कृष्ट विद्यालय देवसर एवं मॉडल स्कूल चितरंगी में खगोलीय घटनाओं को देखने के लिए जल्द से जल्द टेलीस्कोप स्थापित करने की सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी मद के सहयोग से उत्कृष्ट विद्यालयों में संचालित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग क्लासेस के प्रति छात्रों को जागरूक और प्रोत्साहित किया जाए, ताकि जिले के प्रतिभावान छात्र भी आईआईटी और एम्स जैसी देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी सरलता से कर सकें। अंत में, उन्होंने गजरा बहारा कोल साइडिंग के समीप संचालित प्राथमिक विद्यालय की वस्तुस्थिति की जांच कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान सहायक कलेक्टर सौम्या मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी एसबी सिंह, डीपीसी आर.एल शुक्ला संकुल प्रभारी , प्राचार्य आदि उपस्थित रहे।













