व्यापमं घोटाले में 847 आरोपियों के खिलाफ एक ही गवाह! उमंग सिंघार ने सरकार से मांगा जवाब

भोपाल। मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार और एसटीएफ की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि व्यापमं से जुड़े करीब 10 मामलों में कुल 847 आरोपियों के खिलाफ भोपाल निवासी सुनील कुशवाहा को मेमोरेंडम गवाह बनाया गया है, जिससे जांच की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
सिंघार ने कहा कि इतने बड़े भर्ती घोटाले में एक ही व्यक्ति पर बार-बार निर्भरता जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली को संदेह के घेरे में लाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित गवाह कुछ मामलों में अदालत में अपने बयान भी बदल चुका है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने न्यायालय में कहा था कि कई दस्तावेज उसके सामने तैयार नहीं किए गए, बल्कि उसे केवल हस्ताक्षर करने के लिए बुलाया गया था।
कांग्रेस नेता ने कहा कि व्यापमं घोटाला सिर्फ आर्थिक अनियमितता नहीं बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा मामला है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल किया कि क्या सरकार इस मामले का पूरा सच सामने लाएगी या फिर व्यापमं की फाइलों की तरह इसे भी दफन करने की कोशिश होगी।
गौरतलब है कि व्यापमं घोटाला मध्यप्रदेश के सबसे चर्चित भर्ती घोटालों में शामिल रहा है, जिसमें फर्जी अभ्यर्थियों, पेपर लीक और कथित भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे।













