कान्हा नेशनल पार्क में बाघ के हमले से फायर फाइटर की मौत, कोर एरिया में हुई दर्दनाक घटना

मंडला। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध Kanha National Park में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। पार्क के कोर एरिया स्थित नत्थी घाटी कैम्प के पास बाघ के हमले में अग्नि सुरक्षा श्रमिक (फायर वॉचर) लखन सिंह की मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग और कान्हा प्रबंधन में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, मृतक लखन सिंह बालाघाट जिले के आमगहन गांव के निवासी थे और फरवरी माह से कान्हा पार्क में फायर वॉचर के रूप में कार्यरत थे। रविवार को ड्यूटी के दौरान कोर एरिया में अचानक एक बाघ ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही कान्हा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया गया तथा बाद में परिजनों को सौंप दिया गया।
मृतक की पत्नी सुनीता बाई ने बताया कि वन विभाग द्वारा उन्हें पति की मौत की सूचना दी गई। वहीं मृतक के भाई प्रेम सिंह मरावी ने कहा कि उनका भाई कान्हा पार्क में फायर वॉचर के रूप में कार्य करता था और बाघ के हमले में उसकी जान चली गई।
कान्हा नेशनल पार्क के एसडीओ आशीष पांडेय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह बेहद दुखद घटना है। उन्होंने कहा कि सामान्यतः बाघ बिना कारण हमला नहीं करते, लेकिन यदि कोई व्यक्ति अचानक उसके बेहद करीब पहुंच जाए तो वह आत्मरक्षा में आक्रामक हो सकता है।
वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद पार्क क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है।













