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माड़ी बांध की अनदेखी पर सवाल, पर्यटन विकास की उठी मांग

सीएसआर और डीएमएफ की करोड़ों की योजनाओं के बीच उपेक्षित पड़ा प्राकृतिक स्थल

सिंगरौली। जिले में सीएसआर और डीएमएफ मद से जहां विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं देवसर क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर माड़ी बांध आज भी उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की जोरदार मांग उठाई है।

लोगों का कहना है कि माड़ी बांध प्राकृतिक रूप से अत्यंत रमणीय स्थल है, जहां वर्षभर लोगों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिससे इसकी पर्यटन क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि सीएसआर और डीएमएफ निधि का सही उपयोग किया जाए तो माड़ी बांध को एक आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में बदला जा सकता है।

स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि जब अन्य क्षेत्रों में सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों पर भारी बजट खर्च हो सकता है, तो इस प्राकृतिक धरोहर को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है। यहां प्रकाश व्यवस्था, पाथ-वे, गार्डन, बैठने की सुविधा, बच्चों के मनोरंजन क्षेत्र और बोटिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार माड़ी बांध का विकास न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा और छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होगी।

क्षेत्रवासियों ने सांसद, विधायक और जिला प्रशासन से मांग की है कि माड़ी बांध के विकास के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर शीघ्र बजट स्वीकृत किया जाए, ताकि यह स्थल जिले की पहचान बन सके।

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