राम मंदिर दान विवाद पर देवकीनंदन ठाकुर का बड़ा बयान
बोले- सनातन बोर्ड बन गया तो मंदिरों में "चवन्नी तक की चोरी" नहीं होगी

भोपाल। अयोध्या राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन और चोरी के मामले को लेकर प्रख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भोपाल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान उन्होंने मंदिरों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए देशभर के मंदिरों हेतु “सनातन बोर्ड” के गठन की मांग दोहराई। उनका कहना है कि यदि सनातन बोर्ड का गठन हो जाए तो मंदिरों में चवन्नी तक की हेराफेरी संभव नहीं होगी।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए ठाकुर ने कहा कि मंदिरों में भक्तों द्वारा अर्पित धन का उपयोग धर्म, समाज और जनकल्याण के कार्यों में होना चाहिए, लेकिन जब दान राशि के दुरुपयोग या चोरी जैसी खबरें सामने आती हैं तो करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचती है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से लंबे समय से सनातन बोर्ड की मांग उठाई जा रही है।
उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिरों की आय-व्यय व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए एक स्वतंत्र तंत्र बनाया जाए। उनके अनुसार मंदिरों की संपत्ति और दान राशि का बेहतर प्रबंधन होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, गौसंरक्षण तथा जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्यों को नई गति मिल सकती है।
देवकीनंदन ठाकुर ने धार्मिक ग्रंथों का हवाला देते हुए कहा कि भगवान के धन का दुरुपयोग गंभीर पाप माना गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है।
उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए विभिन्न राज्यों की सरकारों से भी सनातन बोर्ड के गठन पर विचार करने की अपील की। उनका सुझाव है कि देश के शंकराचार्यों या सामूहिक धार्मिक नेतृत्व के मार्गदर्शन में मंदिरों के लिए एक पारदर्शी और उत्तरदायी व्यवस्था बनाई जा सकती है।
गौरतलब है कि अयोध्या राम मंदिर में दान राशि से जुड़े विवाद को लेकर विभिन्न स्तरों पर जांच और कार्रवाई की मांग उठ रही है। इसी बीच देवकीनंदन ठाकुर का यह बयान धार्मिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन गया है।













