अदाणी फाउंडेशन के प्रयासों से सिंगरौली में मजबूत हुआ जल भविष्य
नए जलाशयों और पुनर्जीवित तालाबों से किसानों को मिला संबल, ग्रामीणों में उत्साह

सिंगरौली। जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत जल संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयास अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। कलेक्टर गौरव बैनल की पहल और अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निर्मित नए जलाशय पानी से लबालब भर चुके हैं, जबकि वर्षों से सूखे पड़े कई तालाबों में फिर से जलधारा लौट आई है। इससे ग्रामीणों और किसानों में खुशी का माहौल है।
अदाणी फाउंडेशन ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत लगभग 25 नए तालाबों का निर्माण तथा पुराने जलाशयों के जीर्णोद्धार का कार्य पूरा किया है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के सहयोग से सरई, माड़ा और बरगवां तहसील के चयनित गांवों में यह कार्य किया गया।
अभियान के अंतर्गत सरई तहसील के डोंगरी बाजौड़ी और खनुआ, माड़ा तहसील के रैला, बेतरिया, अमिलिया और नगवा, तथा बरगवां तहसील के तीनगुड़ी गांव में नए जलाशयों का निर्माण कराया गया। वहीं कई गांवों के सूख चुके तालाबों का गहरीकरण और पुनर्जीवन कर उन्हें फिर से उपयोगी बनाया गया।
इन जलाशयों और तालाबों के पुनर्जीवित होने से सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे सैकड़ों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे खेती-किसानी को मजबूती मिलेगी और जल संकट की समस्या काफी हद तक कम होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार तालाब केवल जल संग्रहण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, भूजल स्तर सुधार और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में जल स्रोतों का संरक्षण भविष्य की जरूरत बन गया है।
ग्रामीणों ने अदाणी फाउंडेशन और जिला प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी जल स्रोत सुनिश्चित करने में सहायक होगी। जल संरक्षण की यह मुहिम सिंगरौली जिले में सतत विकास, सामुदायिक सहभागिता और ग्रामीण समृद्धि की नई मिसाल बनकर उभर रही है।











