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कृषि विज्ञान केंद्र में प्राकृतिक खेती पर संगोष्ठी आयोजित

सिंगरौली के 1.37 लाख से अधिक किसान पीएम किसान योजना के लाभ से हुए लाभान्वित

​सिंगरौली, : स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र में आज किसानों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक विशाल कृषि संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में मुख्य रूप से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और मृदा स्वास्थ्य की रक्षा करने पर विस्तृत चर्चा की गई। इसी गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने तारकेश्वर, हुगली (पश्चिम बंगाल) से सिंगल क्लिक के माध्यम से देशव्यापी स्तर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी की। इस योजना के तहत जिले के 1,37,344 कृषकों के खातों में सम्मान राशि हस्तांतरित कर उन्हें लाभान्वित किया गया। उल्लेखनीय है कि पूरे देश में इस 23वीं किस्त के तहत 9.44 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानों के खातों में 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की भारी राशि हस्तांतरित की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर भी किसान भाइयों में भारी उत्साह देखा गया। जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के कृषक कल्याण की इस कड़ी में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों, वैज्ञानिकों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

​कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सिंगरौली विधायक श्री रामनिवास शाह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से हमारी उपजाऊ भूमि बंजर होती जा रही है और इसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने उपस्थित सभी किसानों से अपनी ‘धरती मां’ को बचाने का संकल्प लेने की भावुक अपील की और कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाकर हम न सिर्फ अपनी खेती की लागत कम कर सकते हैं, बल्कि देश की भावी पीढ़ी को एक स्वस्थ जीवन भी दे सकते हैं। इसी कड़ी में विशिष्ट अतिथि देवसर विधायक श्री राजेंद्र मेश्राम ने अपने संबोधन में कहा कि पारंपरिक और प्राकृतिक कृषि पद्धति ही हमारे भविष्य की असली पूंजी है। उन्होंने किसानों का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार गाय आधारित प्राकृतिक खेती के लिए लगातार अनुदान और आवश्यक प्रशिक्षण दे रही है, इसलिए किसानों को आगे आकर इस जन-आंदोलन का हिस्सा बनना चाहिए ताकि कम खर्च में अधिक मुनाफा कमाया जा सके और पर्यावरण को भी पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके।

​संगोष्ठी के तकनीकी सत्र में उपस्थित अधिकारियों और कृषि वैज्ञानिकों ने भी किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने की तमाम तकनीकी जानकारियां साझा कीं। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जय सिंह ने इसके वैज्ञानिक महत्व को गहराई से समझाते हुए जीवामृत और बीजामृत तैयार करने तथा कम लागत में जैविक व गुणवत्तापूर्ण उत्पादन लेने के कई व्यावहारिक गुर सिखाए। कार्यक्रम में उपस्थित अपर कलेक्टर ने शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को हर संभव प्रशासनिक मदद का भरोसा दिया, वहीं उप संचालक कृषि मनोज सिंह और सहायक संचालक कृषि लवकुश ने विभागीय योजनाओं व उनकी तकनीकी बारीकियों से सभी को अवगत कराया। यह संगोष्ठी कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से जिले के किसानों को भविष्य की टिकाऊ खेती के लिए एक नई और सकारात्मक दिशा देने वाली साबित हुई।

​इस गरिमामयी और महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य रूप से नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडे, विकास प्राधिकरण अध्यक्ष विरेंद्र गोयल, भाजपा जिला अध्यक्ष सुंदर लाल शाह, पूर्व प्राधिकरण अध्यक्ष दिलीप शाह, विरेंद्र पाठक, प्रवेन्दरधर द्विवेदी, सांसद प्रतिनिधि संतोष बर्मा, पार्षद राम नरेश शाह और पार्षद आशीष बैस उपस्थित रहे। इनके साथ ही वरिष्ठ समाजसेवी विक्रम सिंह चंदेल, संजय दुबे, आलोक शर्मा, रवि चौरसिया, बाबू लाल बेस सहित विभागीय टीम से अखलेश कुमार चौबे, अभियांतिकी विशेषज्ञ सत्यपाल सिंह, शिवम मिश्रा और जिले के अनेक प्रगतिशील कृषक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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