योग व्यक्ति, समाज और विश्व चेतना को जोड़ने का सशक्त माध्यम : राष्ट्रपति मुर्मु

जबलपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने योग को व्यक्ति, समाज और संपूर्ण मानवता को जोड़ने वाला सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का मार्ग है, जो मानव जीवन को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक बनाता है।
रविवार को आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने देशवासियों और विश्वभर के योग साधकों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जबलपुर की पावन धरती पर उपस्थित होकर उन्हें विशेष प्रसन्नता हो रही है। योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जो ऋषि-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है और आज विश्व समुदाय के लिए एक अमूल्य उपहार बन चुकी है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय शास्त्रों में शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को जीवन की सफलता का आधार माना गया है। योग का शाब्दिक अर्थ ही ‘जोड़ना’ है। यह व्यक्ति को स्वयं और समाज से, समाज को प्रकृति से तथा संपूर्ण मानवता को विश्व चेतना से जोड़ने का कार्य करता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब दुनिया अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है, तब योग शांति, संतुलन, समरसता और सामूहिक कल्याण का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया था, जिसके बाद योग की वैश्विक पहचान और अधिक सशक्त हुई है।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं। विदेश यात्राओं के दौरान भी उन्हें विभिन्न देशों में योग के प्रति लोगों का उत्साह देखने को मिलता है। उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित प्रथम ‘वर्ल्ड योगासन एक्सपर्ट चैंपियनशिप’ का उल्लेख करते हुए इसे योग की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण बताया।
इस वर्ष की थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि योग वरिष्ठ नागरिकों के स्वस्थ, सक्रिय, आत्मनिर्भर और गरिमापूर्ण जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने कहा कि आज अपनाई गई जीवनशैली ही भविष्य के स्वास्थ्य और सुख का आधार बनती है तथा योग बढ़ती उम्र में भी व्यक्ति को सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में सहायक सिद्ध होता है।













